पितृपक्ष में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन
सुदामा चरित्र ने किया भाव-विभोर, सनातन धर्म से विश्व कल्याण का दिया संदेश

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ, पुरानी तहसील रुड़की में पितृपक्ष के पावन अवसर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आज श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच विधिवत पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ कथा व्यास एवं ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ के संस्थापक अध्यक्ष आध्यात्मिक गुरु रमेश सेमवाल जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।समापन दिवस पर आध्यात्मिक गुरु रमेश सेमवाल जी महाराज ने श्रीमद्भागवत की महिमा, भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा की अद्भुत मित्रता, भक्ति की शक्ति तथा राजा परीक्षित के मोक्ष का सुंदर एवं भावपूर्ण वर्णन किया।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता संसार को सच्ची मित्रता, प्रेम, त्याग, समर्पण और निष्काम भाव का संदेश देती है।भगवान के चरणों में सच्ची भक्ति रखने वाला भक्त कभी अकेला नहीं होता। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, भक्ति, ज्ञान और संस्कारों से जोड़ने का दिव्य मार्ग है।पितृपक्ष में भागवत श्रवण का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। भागवत कथा मनुष्य को अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, परिवार के प्रति संस्कार और समाज के प्रति सेवा का भाव प्रदान करती है।राजा परीक्षित के मोक्ष का प्रसंग सुनाते हुए महाराज जी ने कहा कि भगवान का स्मरण और भक्ति जीवन को सार्थक बनाते हैं।मनुष्य को अपने जीवन में सत्य, धर्म, सेवा, सदाचार और ईश्वर भक्ति को स्थान देना चाहिए।आध्यात्मिक गुरु रमेश सेमवाल जी महाराज ने सनातन धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म विश्व को शांति,प्रेम,सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश देता है। भारत भूमि सनातन की भूमि है। यह भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, ऋषि-मुनियों और महान संतों की पावन भूमि है।सनातन धर्म की मूल भावना ही समस्त विश्व के कल्याण की है।उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी अपनी सनातन संस्कृति,वेद-पुराणों, श्रीमद्भागवत, रामायण और भारतीय संस्कारों से जुड़े तथा अपने जीवन में धर्म एवं सदाचार को अपनाए।कथा के अंतिम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति भाव में सराबोर होकर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए।समापन अवसर पर विशेष भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।कथा में पूर्व मेयर गौरव गोयल ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर राधा भटनागर, चित्रा गोयल, सुलक्षणा सेमवाल, परीक्षा, मोनिका, रेनू शर्मा, मुदित गर्ग व अमित त्यागी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।









