हरिद्वार

हरिद्वार में कुंभ मेले की तैयारियों का बड़े पैमाने पर निरीक्षण, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन आज हरिद्वार पहुंचे। यंहा वह विभिन्न निर्माण और व्यवस्थागत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन के निर्देश दिए और कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्थाओं, पेयजल की उपलब्धता, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएँ।

निरीक्षण के दौरान उनके साथ सचिव शहरी विकास नितेश झा, गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, और अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कुंभ मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए समन्वय और टीम वर्क पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन स्थल पर स्वच्छता, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ आपातकालीन व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

हरिद्वार प्रशासन ने भी इस अवसर पर बताया कि मेले के लिए सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे, नियंत्रण कक्ष, यातायात मार्ग और प्रवेश-निकास की पूरी योजना तैयार की जा रही है। साथ ही, पानी की आपूर्ति, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

मुख्य सचिव के दौरे से प्रशासनिक तंत्र में तेजी आई है और अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी निर्माण और व्यवस्थागत कार्य पूर्ण कर श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन के दावों के अनुसार हरिद्वार में कुंभ मेला इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करने वाला है, इसलिए प्रशासन की तैयारी और निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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