बाइक की जिद में घर छोड़कर निकला किशोर, AHTU ने रेलवे स्टेशन से सकुशल किया रेस्क्यू
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट हरिद्वार ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए घर से नाराज होकर निकले 14 वर्षीय बालक को सकुशल बरामद कर उसकी माता के सुपुर्द किया। बालक बाइक दिलाने की जिद को लेकर घर छोड़कर चला गया था और हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में मिला। जानकारी के अनुसार दिल्ली के वजीराबाद निवासी 14 वर्षीय बालक 21 मई की रात मोटरसाइकिल दिलाने की बात को लेकर घर से बिना बताए निकल गया था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। इसी दौरान 23 मई को AHTU टीम को रेलवे स्टेशन हरिद्वार पर एक नाबालिग बालक लावारिस हालत में मिला। टीम ने बालक से पूछताछ कर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। पूछताछ में सामने आया कि बालक तीन बहनों के बाद परिवार का सबसे छोटा सदस्य है। बालक की माता ज्योति ने बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में उनके पति की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद वह अकेले ही अपने बेटे और तीन बेटियों का पालन-पोषण कर रही हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद वह बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। माता के अनुसार बेटे ने मोटरसाइकिल की मांग की थी, जिस पर परिवार ने उसे समझाया कि पहले पढ़ाई पूरी करे और 12वीं के बाद बाइक दिलाई जाएगी। इसी बात से नाराज होकर वह घर छोड़कर चला गया। AHTU हरिद्वार ने बालक को संरक्षण में लेकर समस्त वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। बाल कल्याण समिति हरिद्वार के आदेश पर खुले आश्रय गृह कनखल से संरक्षण मुक्त कराकर बालक को उसकी माता के सुपुर्द किया गया। अपने पुत्र के सकुशल मिलने पर माता और बहनों ने हरिद्वार पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह का आभार व्यक्त किया। सराहनीय कार्य में मुख्य आरक्षी राकेश कुमार, मुख्य आरक्षी सुरजीत कौर, मुख्य आरक्षी विनीता सेमवाल, आरक्षी मुकेश कुमार, आरक्षी दीपक चंद तथा महिला आरक्षी गीता देवी शामिल रहे।









