72 घंटे में टूटा अंतर्राज्यीय बच्चा चोर गिरोह का नेटवर्क, हरिद्वार पुलिस ने दो मासूमों को कराया मुक्त
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। यह मामला हरिद्वार पुलिस के लिए बड़ी चुनौती था, क्योंकि तीन वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण किसी सामान्य आपराधिक घटना की तरह नहीं बल्कि एक संगठित बच्चा चोरी और मानव तस्करी गिरोह की ओर इशारा कर रहा था। लेकिन एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर न केवल बच्ची को सकुशल बरामद किया बल्कि अंतर्राज्यीय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश कर छह आरोपी जिसमें मोहम्मद आकिल पुत्र अनिश अहमद निवासी पायती कला मिया सातूकी मजार के पास थाना डिडोली जिला अमरोहा उ0प्र0 हाल निवासी MDA कालोनी MU यूनिवर्सिटी के पास, मुरादाबाद उ0प्र0, नसीमा पत्नी मौहम्मद आकिल निवासी उपरोक्त, जुल्फेकार पुत्र स्व0 जमील अहमद नि0 ग्राम दरियापुर थाना अमरोहा देहात जिला अमरोहा उ0प्र0, धर्मेन्द्र कुमार पुत्र स्व0 होशराम निवासी सिकन्दरपुर थाना भोपा जिला मु0 नगर उ0प्र0 हाल निवासी केशव नगर शुगर मिल के सामने लक्सर हरिद्वार, प्रीती शर्मा पत्नी धर्मेन्द्र नि0 ग्राम भोजापुर तहसील माधनगढ थाना कुठौन्द जिला जालोन उ0प्र0 हाल नि0 सिकन्दरपुर थाना भोपा जिला मु0 नगर उ0प्र0, शिवा सिहं उर्फ गौरब पुत्र स्व0 राजेन्द्र प्रसाद निवासी मौहल्ला पचरुकी गर्ग थाना शिवान सिटी जिला शिवान, बिहार हाल नि0 झुग्गी झोपडी जटवाडा पुल कोतवाली ज्वालापुर हरिद्वार को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है।
72 घंटे में खुला बच्चा चोरी का सनसनीखेज मामला
6 जून 2026 को बैरागी कैंप कनखल कोतवाली क्षेत्र स्थित झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र से तीन वर्षीय राधिका के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। गरीब परिवार की बच्ची होने के कारण फिरौती की संभावना कम थी, इसलिए पुलिस ने मानव तस्करी और बच्चा चोरी गिरोह के एंगल पर जांच शुरू की थी। एसएसपी नवनीत सिंह स्वयं पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे थे और हर घंटे जांच की प्रगति की जानकारी ले रहे थे। पुलिस टीमों ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मोबाइल डेटा का विश्लेषण किया, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और सोशल मीडिया की मदद भी ली। लगातार प्रयासों का परिणाम यह रहा कि पुलिस गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने में सफल हुई।
मानव तस्करी का संगठित नेटवर्क आया सामने
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह बच्चों को चोरी कर निसंतान दंपतियों को दो से पांच लाख रुपये तक में बेचता था। गिरोह के भीतर जिम्मेदारियां भी बटी हुई थीं। कोई बच्चा चोरी करता था, कोई उसे सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाता था, जबकि कुछ सदस्य ग्राहक तलाशने और सौदा तय करने का काम करते थे। गिरफ्तार आरोपी आकिल और प्रीति शर्मा बच्चों की कीमत तय करने और उन्हें अपना या अनाथ बताकर बेचने की भूमिका निभाते थे। हरिद्वार पुलिस की दबिश के बाद गिरोह के अन्य सदस्य घबरा गए और अपहृत बच्ची राधिका को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर लावारिस छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया।
दिल्ली से चोरी हुआ मासूम कार्तिक भी मिला
पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चोरी किए गए करीब डेढ़ वर्ष के बच्चे कार्तिक को डेढ़ लाख रुपये में बदायूं में बेच दिया गया था। सूचना पर कार्रवाई करते हुए हरिद्वार पुलिस ने उस बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले की जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस को दे दी गई है।
पुलिस की मेहनत बनी मां की मुस्कान
राधिका के अपहरण के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। मां की आंखों से लगातार बह रहे आंसुओं को हरिद्वार पुलिस ने अपनी कड़ी मेहनत और पेशेवर जांच के बल पर थाम दिया। बच्ची की सकुशल वापसी ने न केवल परिवार को राहत दी बल्कि पुलिस के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत किया।
हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई ने साबित किया है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत खुफिया तंत्र और समर्पित पुलिसिंग के दम पर संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। 72 घंटे के भीतर बच्ची की बरामदगी, छह आरोपियों की गिरफ्तारी और दूसरे चोरी हुए बच्चे की सुरक्षित वापसी कानून व्यवस्था के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सफलता मानी जा रही है। पुलिस टीम व०उ०नि अनुज सिंह, उ०नि नरेन्द्र सिहं, उ०नि महिपाल सैनी, उ०नि गम्भीर तोमर, उ०नि नवीन, चौहान (को०नगर), अ०उ०नि ललित मोहन अधिकारी, अ०उ०नि मुन्ना नेगी, हे०का जितेन्द्र शाह, का० जितेन्द्र कुमार, हे०का अश्वनी शर्मा, का० उमेद सिहं, का० विपिन सकलानी, का० दिगपाल भण्डारी, का० मनीष रावत, का० निर्मल रांगड (को० नगर ), का० राकेश सिहं ( को0 नगर ), CIU टीम हरिद्वार से प्रभारी नरेन्द्र सिंह बिष्ट, का० वसीम, का० हरवीर सिंह रावत, का० दीप गौड, का० उमेश, कुमार, का० नरेंद्र, A.H.T.U. हरिद्वार से हे०का राकेश कुमार, का० दीपक चन्द रमोला, म०का शशीबाला मौजूद रहे।









