हरिद्वार

एक पौधा–एक जिम्मेदारी, निभायें माँ की ज़िम्मेदारी

हरेला पर्व प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता का प्रतीक: प्रो बत्रा

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला पावन पर्व पर आज एसएमजेएन (पी.जी) कॉलेज, हरिद्वार में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), पर्यावरण प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) रेडक्रास के संयुक्त तत्वावधान में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने हेतु महाविद्यालय परिसर में आम, अमरूद, नीम , जामुन, बेल, नींबू सहित विभिन्न प्रजातियों के दर्जनों फलदार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार बत्रा ने पौधारोपण के द्वारा किया। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि हरेला केवल एक लोकपर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना आवश्यक है। फलदार पौधों का रोपण न केवल पर्यावरण को समृद्ध करेगा, बल्कि भविष्य में पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार बत्रा ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल पौधे लगाकर ही अपने दायित्व की पूर्ति न समझें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लें, जिससे वे विकसित होकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण का निर्माण कर सकें। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण में भाग लिया तथा प्रत्येक पौधे की नियमित सिंचाई, सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ संजय माहेश्वरी ने हरेला पर्व के सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा युवाओं को प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी परिसर को अधिक हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नियमित रूप से वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा “एक पौधा–एक जिम्मेदारी” के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रो विनय थपलियाल, डॉ शिवकुमार चौहान, डॉ मनोज सोही, डॉ विजय शर्मा, डॉ पूर्णिमा सुन्दरियाल, डॉ पल्लवी, डॉ मोना शर्मा, डॉ लता शर्मा, डॉ मीनाक्षी शर्मा, डॉ पदमावती तनेजा, रिकंल गोयल, रिचा मिनोचा, डॉ गीता शाह, वैभव बतरा, विनीत सक्सेना, डॉ गौरव अग्रवाल, नवीन कुमार, अंजलि शर्मा, प्रिंस श्रोत्रिय तथा कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय विजय कुमार माली, डॉ जेसी आर्य, डॉ मन मोहन गुप्ता आदि सहित अनेक पर्यावरण विद उपस्थित रहें।

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