हरिद्वार

अंतर्राज्यीय समन्वय पर जोर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन बोले, कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सर्वोच्च प्राथमिकता

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। आगामी कांवड़ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, यातायात, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते हैं। ऐसे में सभी राज्यों और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय ही यात्रा की सफलता की कुंजी होगा।उन्होंने सभी विभागों को समय रहते व्यवस्थाएं पूरी करने और पूरी यात्रा अवधि के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी राज्यों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा की जाएगी। उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे तथा आधुनिक सर्विलांस प्रणाली के माध्यम से पूरे यात्रा मार्ग पर निगरानी रखी जाएगी। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों को यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी दिशा-निर्देश, प्रतिबंध और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी जाए। यात्रियों को वैध पहचान पत्र साथ रखने के लिए प्रेरित किया जाए तथा किसी भी प्रकार के घातक हथियार या प्रतिबंधित सामग्री के साथ यात्रा में प्रवेश पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संतों और धार्मिक गुरुओं के संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा साइनेज, पार्किंग और डायवर्जन योजनाओं का प्रभावी प्रचार करने के निर्देश भी दिए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा। इस संबंध में दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को समय रहते आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल तथ्यात्मक खंडन किया जाए। इसके लिए सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल और साइबर इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों को विशेष ट्रेनें संचालित करने, स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश भी दिए गए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 तक आयोजित होगा। उन्होंने जानकारी दी कि 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक रहेगा, जबकि 5 अगस्त से श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। वहीं 8 अगस्त से शुरू होने वाला डाक कांवड़ चरण मेले का सबसे चुनौतीपूर्ण और सर्वाधिक भीड़ वाला चरण होगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान, पार्किंग प्रबंधन, संयुक्त निगरानी प्रणाली और एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आईटीबीपी, एसएसबी, सीआरपीएफ, आरपीएफ, एनडीआरएफ, भारतीय रेलवे तथा विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक से पूर्व मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में मां गंगा की पूजा-अर्चना कर कांवड़ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और निर्विघ्न आयोजन की कामना की।

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