हरिद्वार

हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में जिलेभर में चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान, अधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग के निर्देश

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जनपद हरिद्वार को साफ, स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित स्वच्छता अभियान चलाने तथा उसकी निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है, इसलिए यहां स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जिला पंचायत, ग्राम पंचायतों एवं खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने और सफाई व्यवस्था की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रतिबंधित प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर लगातार निगरानी रखने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई दुकानदार, व्यापारी, प्रतिष्ठान अथवा अन्य व्यक्ति सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध चालानी एवं नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कपड़े, जूट एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने तथा आमजन को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं है। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, धार्मिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि “स्वच्छ हरिद्वार, प्लास्टिक मुक्त हरिद्वार” अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके अधीन संचालित कार्यालयों के शौचालयों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यालय अध्यक्ष स्वयं इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य विकास अधिकारी द्वारा तैयार किए गए प्रारूप के अनुसार संबंधित कार्यालयों में संचालित शौचालयों का पूर्ण विवरण नोडल अधिकारी स्वच्छता को निर्धारित समय में उपलब्ध कराया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चन्द, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, डीपीआरओ मुस्तफा खां, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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