जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम मयूर दीक्षित
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यालय सभागार में किया गया। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित 44 समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 26 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रेषित किया गया। जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड सहित विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं सामने आई। जनसुनवाई के दौरान औरंगाबाद निवासी योगेंद्र कुमार ने खेत के सामने सड़क के दोनों ओर नियमानुसार नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग रखी। वहीं सुमन नगर निवासी कमलेश उप्रेती ने भारी वर्षा के कारण मकान के चारों ओर हुए जलभराव की समस्या से अवगत कराते हुए जल निकासी की उचित व्यवस्था कराने की मांग की। औरंगाबाद निवासी प्रमोद कुमार ने मकान निर्माण में पड़ोसियों द्वारा बाधा उत्पन्न किए जाने की शिकायत की। नारसन, रुड़की निवासी ओमकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत स्थापित 25 किलोवॉट सौर ऊर्जा संयंत्र के ऋण एवं देय ब्याज की पूर्ण माफी की मांग रखी। ग्राम ब्रह्मपुरी (रावली महदूद) निवासी कमलेश ने मंदिर से लगभग 100 फीट की दूरी पर संचालित अवैध शराब की दुकान को बंद कराने की मांग की। वहीं ग्राम पुरनपुर साल्हापुर निवासी बबिता ने 27 अगस्त को हुई अत्यधिक वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त मकान का मौका मुआयना कराते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
समस्याओं के समाधान में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में जनता द्वारा दर्ज कराई जा रही प्रत्येक शिकायत का त्वरित, समयबद्ध एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए मौके पर जाकर निरीक्षण करें और समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता के साथ निस्तारित किया जाए।
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर भी सख्ती
बैठक में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर दर्ज प्रत्येक शिकायत का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। विशेष रूप से 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 413 तथा एल-2 स्तर पर 120 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित पाई गईं। अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चन्द, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, डीपीआरओ मुस्तफा खां, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान विपिन चौहान, परियोजना अधिकारी उरेडा युद्धवीर सिंह बिष्ट सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी उपस्थित रहे।









