हरिद्वार

राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं: डीएम मयूर दीक्षित

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय कक्ष में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था, अतिक्रमण, अवैध पार्किंग तथा सड़कों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजमार्गों की नियमित निगरानी के लिए गश्ती दलों को तत्काल सक्रिय किया जाए तथा ड्रोन सर्वे के माध्यम से अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और सड़क संबंधी खामियों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को पुलिस, एनएचएआई एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त अतिक्रमण-रोधी अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सड़क एवं शोल्डर पर भारी वाहनों की पार्किंग को सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इस पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में सभी संबंधित सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स द्वारा प्रत्येक पखवाड़े राजमार्ग सुरक्षा से संबंधित कार्यों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि एनएचएआई अथवा लोक निर्माण विभाग की पूर्व अनुमति के बिना राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्र में किसी भी प्रकार का लाइसेंस अथवा एनओसी जारी या नवीनीकृत नहीं किया जाएगा। बैठक में दुर्घटना संभावित स्थलों, जिन्हें ब्लैकस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, के शीघ्र उपचार पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1033 को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने जनसामान्य, परिवहन संचालकों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे व्यापार करने वाले लोगों से सहयोग की अपील की है। प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित ढाबों एवं अन्य कब्जों को स्वयं हटाने की अपील करते हुए भारी वाहनों को केवल निर्धारित ले-बाय एवं पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण, अवैध पार्किंग एवं गड्ढों से मुक्त कर यात्रियों की सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है। सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में नगर आयुक्त नगर निगम नंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग डीके सिंह, अधिशासी अभियंता एनएचएआई सुरेश तोमर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन नेहा झा, कृष्ण चंद्र पलड़िया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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