हरिद्वार

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, भीमगोड़ा कुंड का होगा कायाकल्प

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने की तैयारियां अब धरातल पर तेजी से दिखाई देने लगी हैं। मेला प्रशासन जहां एक ओर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है, वहीं हरिद्वार की पौराणिक एवं धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में मेलाधिकारी सोनिका ने पौराणिक भीमगोड़ा कुंड के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) को सौंपते हुए शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मेलाधिकारी सोनिका ने देर सायं तक कुंभ मेला-2027 से संबंधित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भीमगोड़ा कुंड, रोड़ी बेलवाला, निर्माणाधीन एडमिन रोड, घाटों, आस्था पथ तथा दूधाधारी चौक से ज्वालापुर तक प्रस्तावित सड़क नवीनीकरण कार्यों का जायजा लिया। भीमगोड़ा कुंड की बदलेगी तस्वीर
पौराणिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भीमगोड़ा कुंड के निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित रखना कुंभ मेला-2027 की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह को आवश्यक अनुमोदन के बाद जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। कुंड की सफाई, बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था, सीढ़ियों की मरम्मत, क्षतिग्रस्त पत्थरों को बदलने तथा रेलिंग और अन्य संरचनाओं को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही आकर्षक प्रवेश द्वार, मंदिरों एवं धार्मिक संरचनाओं का सौंदर्यीकरण तथा आधुनिक और बेहतर प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। आसपास के भवनों के अग्रभाग को भी निर्धारित थीम के अनुरूप विकसित करने की योजना है। मेलाधिकारी ने भीमगोड़ा क्षेत्र में प्रवेश द्वार के समीप ऑटो और ई-रिक्शा की अनियोजित पार्किंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इनके लिए वैकल्पिक और उपयुक्त स्थान पर पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। साथ ही क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त रखने और अनियोजित निर्माण गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश भी दिए गए। रोड़ी बेलवाला क्षेत्र में चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए मेलाधिकारी ने समतलीकरण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, शौचालयों की स्थापना और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं पूरी तरह तैयार होनी चाहिए। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की व्यवस्थाओं को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। रोड़ी बेलवाला क्षेत्र को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त रखने तथा वेंडिंग जोन को सुव्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया। मेलाधिकारी ने निर्माणाधीन एडमिन रोड की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। घाटों के सुदृढ़ीकरण कार्यों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने तथा आगंतुकों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आस्था पथ से जुड़े निर्माण और विकास कार्यों में भी तेजी लाने को कहा गया। दूधाधारी चौक से ज्वालापुर तक सड़क नवीनीकरण की तैयारी मेलाधिकारी सोनिका ने दूधाधारी चौक-भूपतवाला क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। यहां कुंभ मेला मद से दूधाधारी चौक से ज्वालापुर तक प्रस्तावित सड़क नवीनीकरण कार्य के प्रारंभिक चरण की प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क परियोजना को लागू करने से पहले साधु-संतों, प्रबुद्धजनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और अन्य हितबद्ध लोगों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए। परियोजना के तहत निर्धारित स्थानों पर फुटपाथ, रेलिंग, बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य किए जाएंगे। स्थानीय लोगों के सुझावों के आधार पर पार्किंग और सार्वजनिक शौचालयों के लिए भी उपयुक्त स्थान चिन्हित किए जाएंगे। मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी निर्माण और विकास कार्यों में समयबद्धता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। स्थानीय नागरिकों और देश-दुनिया से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा में परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डी.पी. सिंह, अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, टेक्निकल सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, यूपीडीसीसी के परियोजना प्रबंधक सुमित मलवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button