हरिद्वार

तेजी से कथित बहुमंजिला चलता निर्माण, एचआरडीए की कार्यप्रणाली पर भी गर्माई चर्चा

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। ज्वालापुर के सुभाष नगर स्थित बाल्मीकि बस्ती रोड पर दीक्षा स्कूल के सामने हो रहे कथित बहुमंजिला निर्माण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि नियमों को ताक पर रखकर एक बड़ी इमारत का निर्माण किया जा रहा है, जबकि संबंधित विभाग हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) मामले से बेखबर बना हुआ है। क्षेत्रवासियों में चर्चा है कि जिस स्थान पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है, वहां भवन निर्माण की अनुमति, स्वीकृत नक्शे और अन्य आवश्यक मानकों की जांच की जानी चाहिए।

इस मामले को लेकर गंगा संरक्षण से जुड़े नियमों और एनजीटी के विभिन्न आदेशों का भी मुद्दा चर्चा में है। चर्चा है कि गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को लेकर विशेष पर्यावरणीय और नियामकीय प्रावधान लागू होते हैं। जिसमें 200 मीटर तक का क्षेत्र निषिद्ध माना गया है। और स्थायी निर्माण पर रोक का सिद्धांत लागू किया गया है। 200 से 500 मीटर तक का क्षेत्र नियाम दायरे में आता है और वहां भी निर्माण नियमों के अधीन होता है। क्षेत्र में चर्चा है कि कुंभकर्णी नींद में जाकर संबंधित विभाग संबंधित स्थान गंगा तट से निर्धारित दूरी और संवेदनशील क्षेत्र के दायरे में आता है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच करें। यदि निर्माण किसी प्रतिबंधित या विनियमित क्षेत्र में किया जा रहा है तो संबंधित विभागों को निर्माण की वैधता, स्वीकृति और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की जांच करनी चाहिए।

क्षेत्रीय चर्चा कि निर्माण कार्य लगातार चलने के बावजूद एचआरडीए और अन्य संबंधित विभागों की नजर इस ओर क्यों नहीं गई है। क्या अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया है क्या भवन का मानचित्र स्वीकृत है क्या बहुमंजिला निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति ली गई है की चर्चाएं फिजाओं में घुलकर चीख रही है। स्थानीय लोगों चर्चा है कि यदि निर्माण पूरी तरह वैध है तो संबंधित दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

दीक्षा स्कूल के सामने हो रहा यह निर्माण अब क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। लोगों की चर्चा में मांग है कि एचआरडीए, और संबंधित प्रशासनिक विभाग संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करें तथा निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच करें। चर्चा तो यहां तक है कि बहुमंजिला निर्माण कराने वाले रसूखदार लोग हैं जिनके मजबूत तार सफेद नकाब पोश नेताओं से जुड़े हैं। जिनकी गुरहाट के सामने विभागीय अधिकारी कर्मचारी नमस्ते हो जाते हैं। जिस कारण बहुमंजिला निर्माण तेजी से दौड़ रहा है। सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में बहुमंजिला इमारत तैयार हो रही है। क्या निर्माण के लिए सभी वैधानिक स्वीकृतियां मौजूद हैं या फिर नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करते हैं या फिर कथित नियमों के उल्लंघन का यह मामला भी अधिकारियों की फाइलों और चर्चाओं तक ही सीमित रह जाता है।

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