हरिद्वार

किसानों की मांगों को लेकर 24 सितंबर को देहरादून कूच करेगी भारतीय किसान यूनियन क्रांति अराजनीतिक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। किसानों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) अराजनीतिक ने आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान नेता विकास सिंह सैनी के नेतृत्व में आगामी 24 सितंबर को देहरादून के परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास की ओर किसान कूच किया जाएगा। संगठन ने प्रदेशभर के किसानों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। राष्ट्रीय प्रवक्ता हाजी डॉक्टर तौफीक अहमद के आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सिंह सैनी ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आगामी 24 सितंबर को देहरादून में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और किसानों की मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा। चार सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सिंह सैनी ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों में किसानों के बकाया भुगतान का तत्काल निस्तारण, इकबालपुर शुगर मिल को सरकार द्वारा अपने स्तर पर चलाना, किसानों के हित में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी सुविधाएं एवं योजनाएं लागू करना तथा “एक प्रदेश-एक नियम” के तहत स्थायी निवास प्रमाण पत्र के स्थान पर मूल निवास प्रमाण की व्यवस्था लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि किसानों का बकाया पैसा तत्काल दिलाया जाना चाहिए। साथ ही इकबालपुर शुगर मिल को सरकार अपने स्तर पर चलाए, ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।

विकास सिंह सैनी ने बिजली दरों और सौर ऊर्जा को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां बिजली की दरें काफी अधिक हैं, वहीं सरकार किसानों व जनता से सौर ऊर्जा को लगभग ढाई रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीद रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज और ऊर्जा का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के विरुद्ध संगठन की जंग जारी रहेगी और किसानों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विकास सिंह सैनी ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं। किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने के बजाय सरकार को उनकी मांगों का समयबद्ध तरीके से समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर 24 सितंबर का आंदोलन सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम होगा।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद प्रजापति ने किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों का जितना भी भुगतान बकाया है, उसे तत्काल दिलाया जाना चाहिए। किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में भुगतान में देरी से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिलना बेहद जरूरी है। सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

राष्ट्रीय प्रवक्ता हाजी डॉक्टर तौफीक अहमद ने कहा कि शुगर मिलों पर किसानों का जो भी बकाया भुगतान है, उसे जल्द से जल्द किसानों को दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत कर देश की कृषि व्यवस्था को मजबूत करता है, लेकिन अपनी फसल का भुगतान पाने के लिए उसे लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। तौफीक अहमद ने कहा कि किसानों के हक और उनकी मांगों को गंभीरता से लेना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आगे बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि 24 सितंबर का देहरादून कूच किसानों की आवाज को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान बड़ी संख्या में देहरादून पहुंचे जिससे सरकार की आखें और कान दोनों खुल सके।

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