जनसुनवाई में 65 शिकायतें दर्ज, 32 का मौके पर निस्तारण
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित 65 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 32 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रेषित किया गया।
जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड सहित विभिन्न जनसमस्याएं सामने आईं। जिलाधिकारी ने एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ईसमपाल पुत्र नेकीराम, निवासी पीतपुर ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके घर के सामने स्थित सार्वजनिक रास्ते पर पड़ोस के कुछ लोगों द्वारा दीवार खड़ी कर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रास्ते पर हो रहे निर्माण को रोकने तथा संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। इसी प्रकार सत्यवचन सचान एवं सुनील दत्त ने दीप गंगा रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स प्लॉट-1 वेलफेयर सोसाइटी की नवनिर्वाचित प्रबंध कार्यकारिणी को कार्यभार हस्तांतरित कराने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया। सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन, दीप गंगा अपार्टमेंट, सिडकुल के निवासियों ने बिल्डर द्वारा आवंटियों से किए गए वादों के अनुरूप मंदिर, कम्युनिटी सेंटर, स्विमिंग पूल, पार्क सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। वहीं शिवानी पत्नी भारत भूषण, निवासी तिरुपति इंक्लेव कॉलोनी ने घरेलू विद्युत कनेक्शन पर लगाए गए सोलर पैनल पर उत्तराखंड सरकार द्वारा देय सब्सिडी का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की। ज्ञानलोक कॉलोनी गली नंबर-10 के निवासियों ने कॉलोनी के समीप काटी गई नई कॉलोनी द्वारा उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी उनके घरों के पीछे जमा हो रहा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सलेमपुर क्षेत्र के ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने मुख्य सड़क की अत्यंत जर्जर स्थिति की शिकायत करते हुए सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की। क्षेत्रवासियों का कहना था कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में जनता द्वारा दर्ज कराई जा रही प्रत्येक समस्या का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन शिकायतों के समाधान के लिए स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण करें और वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक शिकायतकर्ता को समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज प्रत्येक शिकायत का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता करें तथा आवश्यकता होने पर स्थलीय निरीक्षण कर शिकायतकर्ता से स्वयं मिलकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 259 तथा एल-2 स्तर पर 97 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित पाई गईं। संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में समयबद्धता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, एसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा, लोनिवि अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र उत्तम कुमार तिवारी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला प्रोवेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में फरियादी मौजूद रहे।









