111 डिग्री तक पहुंचा तापमान! नवरात्र में भी जारी है स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की कठोर साधना
राष्ट्र और सनातन धर्म के कल्याण के संकल्प के साथ मां आदिशक्ति की आराधना में लीन हैं महाराज

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(चिराग कुमार) हरिद्वार। सावन में कठोर तपस्या के बाद अब नवरात्र के पावन अवसर पर भी आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की साधना निरंतर जारी है। मां आदिशक्ति के प्रति अटूट श्रद्धा, संकल्प और आध्यात्मिक समर्पण के साथ चल रही उनकी 16 दिवसीय साधना इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
साधना स्थल से सामने आए वीडियो में तापमान मापने वाले एक डिजिटल उपकरण के डिस्प्ले पर 111.0 डिग्री सेल्सियस की रीडिंग दिखाई दे रही है। इस दृश्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
सावन के दौरान कठोर तपस्या करने के बाद नवरात्र में भी महाराज का साधना क्रम जारी रहना उनके आध्यात्मिक अनुशासन और साधना के प्रति समर्पण को दर्शाता है। मां आदिशक्ति की आराधना भारतीय सनातन परंपरा में शक्ति, आस्था, आत्मसंयम और लोककल्याण की भावना से जुड़ी रही है।
महाराज की इस साधना के पीछे समाज कल्याण, राष्ट्र की सुख-समृद्धि और सनातन धर्म की आध्यात्मिक चेतना के विस्तार का संकल्प प्रमुख रूप से सामने रखा जा रहा है। साधना का संदेश केवल व्यक्तिगत आध्यात्मिक उन्नति तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, सद्भाव, मानव कल्याण और धर्म के मूल्यों के प्रति समर्पण से भी जुड़ा है।
नवरात्र के इन पावन दिनों में मां आदिशक्ति की आराधना के माध्यम से महाराज का यह साधना क्रम श्रद्धालुओं को आस्था, धैर्य, अनुशासन और संकल्प की प्रेरणा देता है। कठिन परिस्थितियों में भी अपने आध्यात्मिक लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का भाव इस साधना का प्रमुख संदेश है।
साधना, संकल्प और लोककल्याण—नवरात्र में स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की आराधना इसी आध्यात्मिक भावना को केंद्र में रखती है।









