हरिद्वार

नवंबर तक शत-प्रतिशत धनराशि खर्च करने के निर्देश, विकास कार्यों में देरी पर तय होगी जवाबदेही: डीएम

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, जिला योजना के विकास कार्यों और मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी योजनाओं और विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि स्वीकृत धनराशि का नवंबर माह तक शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। जिन विभागों द्वारा विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं की गई है, वे एक सप्ताह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर टेंडर प्रक्रिया संपन्न कराएं। उन्होंने धीमी प्रगति वाले विभागों को तत्काल कार्यों में तेजी लाने और प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। डी और सी श्रेणी के विभागों को ए श्रेणी में आने का लक्ष्य
20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने डी एवं सी श्रेणी में चल रहे विभागों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए ए श्रेणी में आने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप तेजी से कार्य कर अपनी रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री द्वारा जनपद के लिए की गई घोषणाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर घोषणाओं को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, निर्माण कार्यों, आधारभूत सुविधाओं और अन्य विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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