हरिद्वार

पांच लड़कियां होने के बाद दंपत्ति को थी लकड़े की जरूरत, तीन लाख का लालच बना अपरहण

खुलासा: चार माह की बच्ची को किया चोरी, दंपत्ति इटावा समेत लखनऊ होते हुए पहुंचे हरिद्वार, बच्ची बरामद

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। नगर कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, चार माह की बच्ची के अपरहण का हरिद्वार एसएसपी ने खुलासा किया है। लगातार हरिद्वार जनपद से हो रहे बच्चे चोरी को लेकर जहां चर्चाओं का बाजार गर्म है, तो वही हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमें गठित कर घटनाओं के खुलासे किए जा रहे है। वहीं एक ताजा मामला हरिद्वार नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत का प्रकाश में आया था जहां लड़के की आस लगाए बैठे एक दंपति ने सत्यपाल (बाबा) से तीन लाख रुपए की डील करते हुए लड़का चोरी करने की साजिश बनाई।

वहीं शुक्रवार को हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह ने बच्ची अपरहण का खुलासा करते हुए बताया कि 28 मई को पुष्पेंद्र ने चौकी रोडिबलवाल में आकर सूचना दी कि गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आने के बाद उनका परिवार रात को हाथी पुल के निकट विष्णु घाट में एक पेड़ के नीचे सो गया था।

एसएसपी ने बताया कि पति पत्नी के सुबह उठने पर चार माह की बच्ची गायब मिली, बच्ची को तलाशने के बाद बच्ची नहीं मिली, जिसको देखते हुए पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आलाधिकारियों को जानकारी दी गई, ओर तत्काल मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू करदी गई।

उन्होंने बताया कि बच्ची की सकुशल बरामद के लिए गठित पुलिस टीमों द्वारा धामपुर से हावड़ा के माध्यम ट्रेन के 65 स्टेशन होने के कारण सभी स्टेशनों से जानकारी जुटाई गई उसके बाबजूद कोई सूचना नहीं मिली। बच्ची के चोरी होने का सही समय पता न होने के चलते पुलिस टीम ने अनुमानित समय सीमा के बीच की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाते हुए एक संदिग्ध जोड़े की पड़ताल शुरु की।

उन्होंने बताया कि संदिग्ध जोड़ा पहले 27 मई को एक बच्चे को साथ लेकर विष्णु घाट पर घूमते हुए और फिर 28 मई की सुबह दो बच्चों के साथ उ०प्र परिवहन निगम की बस में बैठेते हुए दिखे। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार हुए दंपति ने बताया कि पांच लड़कियां होने के बाद लड़का न होने के चलते उन्होंने बच्चा चोरी करने के लिए हरिद्वार में सतपाल (बाबा) से तीन लाख रुपए की डील की गई, गलती से लकड़ा समझकर बच्ची को चोरी कर लिया गया।

वहीं चुराए गए बच्चे की लड़की होने की बात पता चलने पर दंपत्ति सत्यपाल के कहने पर अपने घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे लेकिन ट्रेन न मिलने पर बस मे धामपुर गये और वहां से ट्रेन में बैठकर लखनऊ तथा उसके बाद अपने गांव नगरिया चले गये। अपनी बच्ची को घर छोड़कर दंपत्ति सत्यपाल के कहने पर चुराई गई बच्ची को किसी और को बेचने के इरादे से हरिद्वार सत्यपाल की झोपड़ी पर पहुंचे और पकड़े गए।

विवरण आरोपित-
1-सत्यपाल पुत्र विजय सिंह निवासी-ग्राम सैदाबाद कोतवाली लक्सर हरिद्वार
2-लाल बहादुर पुत्र कन्हैया लाल निवासी-नगरिया थाना जसवंत नगर इटावा उ0प्र0
3-प्रीती रानी पत्नी लाल बहादुर निवासी-उपरोक्त

पुलिस टीम:-
1-प्रभारी निरीक्षक कुंदन राणा
2-व0उ0नि0 गोपाल भट्ट
3-उ0नि0 नवीन चौहान
4-उ0नि0 संजीत कंडारी
5-उ0नि0 नवीन नेगी
6-उ0नि0 ऋषिकांत पटवाल
7-उ0नि0 विक्रम बिष्ट
8-है0का0 सतीश नॉटियाल
9-है0का0 संजयपाल
10-है0का0 संजीव राणा
11-का0 निर्मल
12-का0 सुनील चौहान
13-का0 अजित तोमर
14-का0 राकेश
15-का0 जसवंत बहादराबाद

तकनीकी टीम:
1- CIU प्रभारी नरेन्द्र बिष्ट
2- का0 वसीम
3- का0 हरवीर
4- का0 द्वीप गौड़
5- का0 नरेंद्र
6- का0 उमेश

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