आनंद धर्मशाला बनेगी श्रद्धालुओं की सेवा और सनातन संस्कृति का सशक्त केंद्र: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट द्वारा निर्मित नव निर्मित धर्मशाला का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षत्रिय कलौता समाज ने अपने परिश्रम, साहस और संस्कारों के बल पर समाज और राष्ट्र निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती, व्यापार, शिक्षा, समाज सेवा और देश की सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लोगों का योगदान सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और अन्य सुरक्षा बलों में सेवाएं देकर समाज के वीर सपूत राष्ट्र की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बना रहे हैं। उन्होंने श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट द्वारा धार्मिक जागरण, सांस्कृतिक संरक्षण और मानव कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह धर्मशाला सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना का जीवंत प्रतीक बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार भारत की आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का प्रवेश द्वार है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु मां गंगा की गोद में आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला का निर्माण एक पुण्य कार्य है और आगामी कुंभ तथा चारधाम यात्रा के दौरान यह लाखों श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले हरिद्वार कुंभ को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने घाटों के पुनरुद्धार, सड़क व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात और मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार हर श्रद्धालु को सुव्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास तथा महाकाल लोक जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान, सनातन मूल्यों और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने को सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर हरी चेतना नंद महाराज, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विनय रोहिला, विशाल पटेल, संतोष पटेल, आशाराम सिसोदिया, सीताराम पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित अनेक गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे।









