आईजी अनंत शंकर ताकवाले और कुंभ मेला एसएसपी आयुष अग्रवाल ने डॉ. नरेश चौधरी के योगदान की सराहना
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। धर्मनगरी कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पुलिस विभाग की तैयारियां लगातार तेज हो रही हैं। इसी क्रम में सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र हरिद्वार में पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण अभियान के तेरहवें चरण के समापन पर उत्तराखंड पुलिस महानिरीक्षक अनंत शंकर ताकवाले ने इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखंड के चेयरमैन प्रोफेसर डॉ. नरेश चौधरी के योगदान की विशेष रूप से सराहना की। पुलिस विभाग उत्तराखंड के निर्देशन और कुंभ मेला पुलिस के संयोजन में पिछले चार माह से विभिन्न चरणों में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों को कुंभ मेले की विशिष्ट परंपराओं, व्यवस्थाओं, सुरक्षा चुनौतियों और भीड़ नियंत्रण की व्यावहारिक परिस्थितियों के लिए तैयार करना है।
तेरहवें चरण के समापन अवसर पर आईजी अनंत शंकर ताकवाले ने बताया कि अब तक कुंभ एवं अर्धकुंभ मेलों में कार्य करने वाले अनुभवी विशेषज्ञों के माध्यम से कुल 3505 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को कुंभ-2027 के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस प्रशिक्षण अभियान में डॉ. नरेश चौधरी ने सभी तेरह चरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिसकर्मियों को कुंभ मेले के इतिहास, भीड़ नियंत्रण प्रबंधन, अखाड़ों की विशिष्ट परंपराओं, पेशवाई, शाही एवं अमृत स्नान तथा पूर्व में आयोजित कुंभ मेलों के दौरान सामने आई महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी दी। साथ ही, इन घटनाओं के बाद गठित जांच आयोगों की रिपोर्ट और उनके अनुपालन से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। जनसहभागिता और आपसी समन्वय पर विशेष जोर
डॉ. नरेश चौधरी ने प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को बताया कि कुंभ मेले जैसे विशाल धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए केवल सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारियों, साधु-संतों, आश्रमों, धर्मशालाओं, होटलों तथा विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय भी बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारियों को समझने और आपसी सहयोग के माध्यम से व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने चार दशकों के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने विभिन्न बड़े स्नान पर्वों और आयोजनों के दौरान निभाई गई जिम्मेदारियों से पुलिसकर्मियों को व्यावहारिक सीख भी दी। डॉ. नरेश चौधरी ने कहा कि कुंभ मेला-2027 में श्रद्धालुओं और यात्रियों की संख्या पूर्व में आयोजित कुंभ मेलों की तुलना में अधिक होने की संभावना है। मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से स्नान पर्वों के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण प्रमुख स्नान तिथियों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में भीड़ का वैज्ञानिक प्रबंधन, सतर्कता, त्वरित निर्णय और आपसी समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिसकर्मियों को व्यावहारिक जानकारी देने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी बड़ी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करते हैं। प्रशिक्षित पुलिस बल कुंभ मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकता है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उत्तराखंड पुलिस महानिरीक्षक अनंत शंकर ताकवाले और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला आयुष अग्रवाल ने सभी तेरह चरणों में 3505 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण देने में डॉ. नरेश चौधरी के योगदान की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। कुंभ-2027 के मद्देनजर चल रहा यह प्रशिक्षण अभियान पुलिस बल की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, बेहतर भीड़ प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से हरिद्वार में आयोजित होने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।









