हरिद्वार

शहीद दिवस पर पुलिस ने अमर शहीदों को किया नमन, एसएसपी नवनीत सिंह ने अर्पित किए पुष्पचक्र

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। शहीद दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन रोशनाबाद स्थित शहीद स्मारक पर हरिद्वार पुलिस के जवानों एवं अधिकारियों ने एकत्रित होकर देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का नेतृत्व एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने किया। इस दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान विगत एक वर्ष में कर्तव्य पालन करते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों के नामों का स्मरण किया गया। इसके पश्चात एसएसपी नवनीत सिंह ने सर्वप्रथम शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया। इसके बाद जनपद के अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी क्रमवार पुष्पचक्र एवं पुष्प अर्पित कर शहीदों के बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंतिम चरण में सेरेमोनियल गार्द द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों को शोक सलामी दी गई। उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने दो मिनट का मौन धारण कर अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। वातावरण देशभक्ति, सम्मान और भावुकता से ओतप्रोत रहा। इस अवसर पर एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का बलिदान हम सभी को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यपरायणता, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथाएं सदैव याद रखी जाएंगी। उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और जनसेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प दोहराया। शहीद दिवस का यह आयोजन उन वीर पुलिसकर्मियों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक रहा, जिन्होंने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए देश की शांति, सुरक्षा और सामाजिक एकता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। अमर शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों के हृदय में जीवित रहेगा।

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