हरिद्वार

ग्राम प्रधान पर आवास दिलाने के नाम पर 3000 से 5000 रुपए तक वसूलने के गंभीर आरोप

प्रधान प्रतिनिधि बोले—एक पैसा नहीं लिया, विपक्ष फैला रहा है झूठ

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपद के विकासखंड भगवानपुर की ग्राम पंचायत झिड़ियान ग्रांट में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पात्र लाभार्थियों से कथित रूप से अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि गरीब परिवारों से 3,000 रुपए से 5000 रुपए तक की धनराशि लेकर भी कई लोगों को आवास का लाभ नहीं मिला, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई गई है, लेकिन झिड़ियान ग्रांट के मजबत्ता टांडा गांव में इस योजना का लाभ देने के नाम पर कथित रूप से धन उगाही की गई है। उनका आरोप है कि आवास सूची में नाम शामिल कराने और स्वीकृति दिलाने के लिए अलग-अलग लोगों से 3,000 रुपए से लेकर 5,000 रुपए तक लिए गए है। और काम होने के बाद ओर 20000 लेने की बात सामने आई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच कराई जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।

वहीं दूसरी ओर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुशील कुमार ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर किसी भी ग्रामीण से एक रुपया भी नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष और राजनीतिक विरोधी पंचायत की छवि खराब करने तथा आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह के झूठे आरोप लगा रहे हैं। उनका दावा है कि वर्तमान कार्यकाल में पंचायत में रिकॉर्ड स्तर पर विकास कार्य हुए हैं, जिससे विरोधी बौखलाए हुए हैं। अब यह मामला आरोप और प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है। ग्रामीणों की शिकायतों और प्रधान पक्ष के इनकार के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित उच्चधिकारी इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएंगे, या फिर प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थी न्याय की उम्मीद में यूं ही भटकते रहेंगे।

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