राजाजी नेशनल पार्क की बाउंड्री वॉल मरम्मत में बड़ा झोल? घटिया सामग्री, मानकों की अनदेखी और मिलीभगत की चर्चाएं तेज
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। राजाजी नेशनल पार्क की बेरी-बड़ा ढोलकंद बेल्ट में बाउंड्री वॉल की मरम्मत का कार्य इन दिनों प्रगति पर है, लेकिन क्षेत्र में इस कार्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों में चर्चाएं हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है और ठेकेदार गुणवत्ता से समझौता कर सरकारी धन का दुरुपयोग करने में लगा है। चर्चा है कि ठेकेदार पुरानी ध्वस्त बाउंड्री का कटिंग (कोर्स स्टोन) और गोल पत्थर लेबर से इकट्ठा कराकर फिर से बाउंड्री वॉल की मरम्मत कार्य में लगवा रहा है। इतना ही नहीं बाउंड्री वॉल में ना कोरसेंट, ना डस्ट का प्रयोग है। चर्चा है कि रसूखदार ठेकेदार राजाजी नेशनल पार्क से निकलने वाली नदी से अपने ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से लेबर लगाकर रेत उठा रहा है और बाउंड्री वॉल में इस्तेमाल करने में लगा है। साथ ही सीमेंट की मात्रा भी कम लगाने की चर्चाएं खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। चर्चाएं यही नहीं रुकी है। बाउंड्री वॉल में लगने वाली बजरी भी गायब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि यदि यही स्थिति रही तो बाउंड्री वॉल की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाएंगे और भविष्य में यह कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। चर्चा है कि ठेकेदार नियमों की अनदेखी कर घटिया सामग्री का प्रयोग कर रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग होने की आशंका है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कार्य की निगरानी करने वाले कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से नहीं कर रहे है। राजाजी नेशनल पार्क के अधिकारियों और ठेकेदार की कथित मिलीभगत के कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा यह भी चर्चाएं तेज हैं कि ठेकेदार द्वारा नदियों से बड़ी मात्रा में बिना अनुमति के रेत का उठान कर रहा है, जिससे सरकार को राजस्व हानि होने की आशंका है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि ठेकेदार एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। जिसके गठजोड़ सफेद नकाब पोश नेताओं के साथ जूडे है। जिनके इशारे पर बाउंड्री वॉल मरम्मत के कार्य के जरिए सरकारी धन को ठिकाने लगाने का षड्यंत्र रचा जा चुका है। चर्चाएं यही नहीं रुकी, एक चर्चा तो चौंकाने वाली है जिसका बाजार खुब गर्म है। चर्चा है कि राजाजी नेशनल पार्क हरिद्वार की चारों डिवीजन में एक ही ठेकेदार जमा हुआ है। और अधिकतर इसी रसूखदार ठेकेदार को निर्माण कार्य दिए जाते हैं। जो कानून का उल्लंघन कर स्थानीय नदियों से अवैध तरीके से रेत और पत्थर उठाकर राजाजी नेशनल पार्क के निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करता है। और सरकार की आंखों में धूल झोंककर अपनी हसरतों को पूरा करने में लगा है। यदि इन चर्चाओं में सच्चाई है तो यह ना केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला है, बल्कि पर्यावरणीय नियमों और निर्माण मानकों के उल्लंघन का भी गंभीर विषय है। इसलिए शासन और संबंधित उच्चधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी धन की सुरक्षा हो और निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार पूरा हो सके।









