हरिद्वार

परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन, 17 वाहन सीज, 30 के चालान, नियम तोड़ने वालों पर कसा शिकंजा

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग ने जनपद में यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए रेलवे स्टेशन, वाल्मीकि चौक, कर्नाटक भवन और आसपास के क्षेत्रों में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 17 वाहनों को सीज किया गया तथा 30 वाहनों के चालान किए गए। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा और एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने किया। इस दौरान परिवहन कर अधिकारी रविन्द्र पाल सैनी सहित विभागीय प्रवर्तन दल मौजूद रहा। टीम ने सार्वजनिक परिवहन वाहनों, ऑटो-रिक्शा, विक्रम और ई-रिक्शाओं की सघन जांच की। जांच में फिटनेस प्रमाणपत्र के अभाव, परमिट की शर्तों के उल्लंघन, बिना वैध दस्तावेज वाहन संचालन, बीमा और अन्य आवश्यक अभिलेखों की कमी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई के तहत 7 ऑटो/विक्रम वाहनों को सीज किया गया, जबकि ई-रिक्शाओं की विशेष जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 10 ई-रिक्शा भी सीज कर दिए गए। एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने कहा कि चारधाम यात्रा और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए परिवहन नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बिना वैध फिटनेस, परमिट या अन्य आवश्यक दस्तावेजों के वाहन संचालन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने स्पष्ट किया कि परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाए जाएंगे। सड़क सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र समेत सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें तथा मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का पालन करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जनपद में सुरक्षित, सुगम और नियमसम्मत परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ऐसे औचक प्रवर्तन अभियान लगातार संचालित किए जाते रहेंगे।

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