हरिद्वार

उत्तराखंड किसान मोर्चा का स्मार्ट मीटर को लेकर जबरदस्त विरोध, मांगे ना पूरी होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। उत्तराखंड किसान मोर्चा (अराजनैतिक) का 21वां स्थापना दिवस ग्राम बहादुरपुर जाट में मनाया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता धूप सिंह चौधरी ने की, वही संचालन दीपक पुंडीर ने किया है। जिसमें किसानों ने विभिन्न समस्याओं एवं उनके निस्तारण पर गहनता से चर्चा भी की हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड ने कहा कि सरकार बंदूक के दम पर क्षेत्र व प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाना चहती है। जिसे किसान किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे, उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए स्मार्ट मीटर की योजना चलाई थी। जिससे किसानों को घाटा ही घाटा है। चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि जहां सरकार नई-नई नीतियां लेकर आती है। तो वही इकबालपुर का 100 करोड़ से अधिक किसानों का बकाया भुगतान क्यों नहीं दिलाती है। किसानों ने सरकार को चतावनी दी है कि यदि किसानों की तमाम समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द नहीं किया जाता है तो उत्तराखंड किसान मोर्चा बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। किसानों के कार्यक्रम में पहुंचे नवाब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी प्रेरित है। जिसमें किसानों की मुख्य मांग स्मार्ट मीटर का विरोध, यूरिया और डीएपी पर प्रतिबंध समाप्त एवं मूल्य निरंतर करने की मांग, इकबालपुर चीनी मिल का शेष भुगतान जल्द से जल्द करने की मांग, लिब्बरहेडी गांव की गंग नहर का पुल निर्माण अतिशीघ्र करने और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर नलकूप की बिजली मुफ्त एवं घरेलू बिजली, किसान, मजदूर को कम मूल्य पर दी जाने की मांग की गई है। इस अवसर पर चौधरी धर्मवीर प्रधान, धर्मेंद्र चौधरी, महकर सिंह, मोहम्मद आजम, आकिल हसन, राजपाल सिंह, वीरेंद्र सैनी, पवन त्यागी, बलिंदर त्यागी, नरेंद्र लोहान, सुरेंद्र लंबरदार, जितेंद्र मुखिया, मोहम्मद जबर, अब्दुल गनी प्रधान, सतवीर प्रधान, दुष्यंत चौधरी, नरेंद्र चौधरी, सुधीर कुमार, कामिल प्रधान, सरदार जसवीर सिंह, अक्षय चौधरी, साहबान, तेजवीर सिंह, मुनव्वर हसन, पप्पू भाटिया, चौधरी आदित्य, ग्राम प्रधान नरेश वर्मा, अनुज यादव, अशोक यादव, धर्मेंद्र उर्फ कंचु, जमील, मनफेद, मोहबत अली, रपसन अली, सगीर अहमद, युनूस प्रधान, महफूज, आस्तिक यादव, वीर सिंह, आदि ने अपने विचार रखें। और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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