Video: चर्चा में विकास की चमक और भगत सिंह चौक अंडरपास में जलभराव की हकीकत
डबल इंजन की सरकार में चारों ओर विकास की चर्चा, लेकिन बारिश होते ही अंडरपास बन जाता है आफत का रास्ता
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में इन दिनों विकास की खूब चर्चा है। डबल इंजन की सरकार में हरिद्वार के सर्वांगीण विकास के दावे किए जा रहे हैं। विकास की गाड़ी भी पूरी रफ्तार से पटरी पर दौड़ने की बात कही जा रही है, लेकिन शहर के कुछ हिस्सों की तस्वीर इन दावों से अलग नजर आती है। शहरी क्षेत्र में शिवलोक स्थित भगत सिंह चौक के पास बने अंडरपास को लेकर स्थानीय लोगों में लंबे समय से चर्चा है। बारिश होते ही इस अंडरपास में पानी भर जाता है और राहगीरों तथा वाहन चालकों के लिए यह रास्ता परेशानी का सबब बन जाता है। जलभराव के कारण यहां दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। हाल ही में करीब चार दिन पहले इसी अंडरपास में एक ऑटो रिक्शा पलटने की घटना भी चर्चा का विषय बना हुआ। चर्चा है कि ऑटो में दो छोटे बच्चे, जिनकी उम्र करीब 4 से 6 वर्ष बताई गई, और दो महिलाएं सवार थीं। हादसे में एक महिला के सिर में चोट लगी और उन्हें चार टांके लगाए गए है। गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल है। अब सवाल यह है कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा। चर्चा है कि हर साल बारिश आती है, अंडरपास में पानी भरता है, लोगों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है तो स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस जलभराव के निदान के लिए और कितनी बारिश और कितनी दुर्घटनाओं का इंतजार करना पड़ेगा?
- स्थानीय लोगों की चर्चा में अब व्यंग्य के तौर पर यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या इस अंडरपास से पानी निकासी के लिए यज्ञ करना पड़ेगा या कोई अलग से उपाय करना पड़ेगा, तभी समस्या का समाधान संभव होगा? चर्चा यह भी है कि विधायकी के कई वर्षों का राज और कैबिनेट मंत्रीमंडलो के अहम पदों पर विराजमान होने के बावजूद भी चल भराव की समस्या यहां तस से मस नहीं हुई है जो दुर्भाग्य पूर्ण है। हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण तीर्थनगरी क्षेत्र में ऐसी समस्या को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। संबंधित विभाग को चाहिए कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने के बजाय जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, नालियों की सफाई और अंडरपास की तकनीकी समस्या का परीक्षण कराकर समाधान सुनिश्चित करे। विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब उसके परिणाम आम जनता को जमीन पर दिखाई दें और बरसात के दिनों में लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। अब हरिद्वार वासियों की नजर इस बात पर है कि भगत सिंह चौक अंडरपास की समस्या का स्थायी समाधान कब तक होता है।









