
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए अंतर्विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। आमजन से अपील की गई है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के साथ मिलकर नियमित साफ-सफाई, फॉगिंग अभियान तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही समाचार पत्रों, सोशल मीडिया एवं अन्य संचार माध्यमों के जरिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आमजन को डेंगू के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में भी जागरूक किया जाएगा, जिससे समय रहते पहचान कर प्रभावी उपचार संभव हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि डेंगू नियंत्रण में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और स्वास्थ्य विभाग मीडिया के सहयोग से जन-जागरूकता संदेशों का नियमित प्रसारण सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं जलभराव या मच्छरों की अधिकता दिखाई दे तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी प्रभावी उपयोग करते हुए डेंगू रोकथाम संबंधी संदेशों को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की रणनीति बनाई है, जिससे जनपद में डेंगू के खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।









