नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य: डीएम मयूर दीक्षित
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपद में नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से संचालित संकल्प प्रोजेक्ट के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान स्वामी राम हिमालयन इंस्टिट्यूट, जौली ग्रांट के उपनिदेशक डॉ. राजीव बिज्लवान ने अवगत कराया कि नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से आईसीएमआर एवं नीति आयोग, भारत सरकार के सहयोग से वर्ष 2024 से संकल्प प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। इस परियोजना का लक्ष्य नवजात मृत्यु दर को एकल अंक में लाना है, जिसे उत्तराखंड में स्वामी राम हिमालयन इंस्टिट्यूट द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आईसीएमआर, नीति आयोग एवं संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें, ताकि जनपद में नवजात शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी अधिकारी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के लेबर रूम में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक करने के लिए आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा महिलाओं को अस्पताल में प्रसव हेतु प्रेरित किया जाए।जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो आशा कार्यकत्री अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रही हैं, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. कोमल, डॉ. आरती, मनु शिवपुरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।









