मेजर भुवन चंद्र खंडूरी जननायक को अंतिम विदाई, नम आंखों से उमड़ा जनसैलाब
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। उत्तराखंड की राजनीति और सैन्य परंपरा के मजबूत स्तंभ रहे भुवन चंद्र खंडूड़ी को खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा और हर वर्ग के लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने प्रिय नेता को अंतिम सलाम किया। सेना और पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर दिवंगत नेता को अंतिम सलामी दी, जबकि उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। पूरे वातावरण में शोक, सम्मान और गौरव का भाव स्पष्ट दिखाई दिया। इस दौरान केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जनरल खंडूड़ी का जीवन सादगी, अनुशासन और ईमानदारी का अद्वितीय उदाहरण रहा। उन्होंने सेना अधिकारी, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में हर दायित्व को निष्ठा और पारदर्शिता के साथ निभाया। उन्होंने कहा कि सुशासन और लोकपाल जैसे विषयों को आगे बढ़ाने में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायक रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें उत्तराखंड का प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका निधन राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि जनरल खंडूड़ी ने अपने सार्वजनिक जीवन में शुचिता, अनुशासन और पारदर्शिता की मिसाल कायम की। मुख्यमंत्री ने भावुक शब्दों में कहा कि एक अभिभावक के रूप में उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, विजय बहुगुणा, रमेश पोखरियाल निशंक, तीर्थ सिंह रावत सहित कई सांसद, मंत्री, विधायक, संत-महात्मा, प्रशासनिक अधिकारी, सेना के अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। राजनीति में ईमानदारी, प्रशासन में अनुशासन और जनसेवा में समर्पण की पहचान रहे जनरल खंडूड़ी का जाना उत्तराखंड के सार्वजनिक जीवन में एक ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।









