हरिद्वार

मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट, नालों की सफाई से लेकर राहत केंद्रों तक तैयारियों के निर्देश

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। आगामी मानसून एवं संभावित आपदाओं को देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में मानसून पूर्व तैयारियों, आपदा प्रबंधन व्यवस्था और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में ब्लॉक एवं तहसील स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे। बैठक के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि जनपद के किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम, जिला पंचायत, पंचायतीराज विभाग, नगर पालिका, नगर पंचायत, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और पीएमजीएसवाई सहित सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में नालों, नालियों एवं कलमाठों की अनिवार्य रूप से सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने तहसील एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी उपकरणों को सक्रिय एवं सुचारू स्थिति में रखा जाए। संभावित आपदा को देखते हुए राहत केंद्रों को पहले से तैयार कर वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा जिला आपदा कंट्रोल रूम को लगातार सक्रिय रखा जाए। सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में जलभराव और भूमि कटान की आशंका रहती है, उनका निरीक्षण कर चिन्हांकन किया जाए तथा तटबंधों की मरम्मत सहित अन्य आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं पेयजल निगम को निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न होने दिया जाए। पेयजल लाइनों में लीकेज होने पर तत्काल मरम्मत कार्य कराया जाए। उन्होंने बताया कि पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए जल संस्थान का टोल फ्री नंबर 18001804100 जारी किया गया है, जिस पर आमजन अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा अनावश्यक कटौती से बचा जाए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को मानसून के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत रखने और डेंगू रोकथाम के लिए प्रभावी प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को भीषण गर्मी एवं आपदा की संभावित स्थिति को देखते हुए पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जलभराव संभावित क्षेत्रों में संचालित राशन दुकानों का चिन्हांकन कर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाए। साथ ही निरस्त एवं संबद्ध राशन दुकानों का विवरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आगामी मानसून और कांवड़ मेले के दृष्टिगत एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पुलिस विभाग को आपसी समन्वय के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित चंद, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पॉल, अग्निशमन अधिकारी वंश यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button