सपा प्रदेश अध्यक्ष ने की छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग की आलोचना
संवाद के माध्यम से समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी: महंत शुभम गिरी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। समाजवादी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महंत शुभम गिरी ने पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। महंत शुभम गिरी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ कठोरता बरतने को किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा बल प्रयोग की घटनाएं अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी लोकतांत्रिक देश में नागरिकों की आवाज को दबाने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी होती है। महंत शुभम गिरी ने कहा कि पूरे देश में छात्र, बेरोजगार युवा और विभिन्न वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। सरकार को इन मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषयों पर सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त करना सकारात्मक बात है, लेकिन आंदोलन के दौरान जो घटनाएं सामने आई हैं, उन्होंने पूरे देश को सोचने पर मजबूर किया है। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक सरकार का दायित्व है। महंत शुभम गिरी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों की लगातार अनदेखी की जाती रही, तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर छात्रों, युवाओं, किसानों और बेरोजगारों के समर्थन में अपना आंदोलन और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सदैव शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसानों के अधिकार और बेहतर कानून-व्यवस्था जैसे जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करती रही है और आगे भी आम जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी।









