किसानों को पेयजल, छाया, तुलाई सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश, खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। खरीफ खरीद सत्र 2026-27 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला खरीद अधिकारी वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में धान खरीद व्यवस्था को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों को सुगम और पारदर्शी तरीके से धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों एवं संबंधित क्रय एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सभी तहसीलदारों को ग्रामवार एवं किसानवार सूची समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी क्रय संस्थाओं को निर्धारित समय पर धान क्रय केंद्र स्थापित करने तथा केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छाया, तुलाई समेत आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। मंडी समिति को क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, छलना, त्रिपाल सहित अन्य जरूरी सामग्री समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धान खरीद के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित की जाए। अपर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित एजेंसियों को अपने बैनरों पर भारत सरकार द्वारा निर्धारित धान खरीद मानकों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। इनमें 17 प्रतिशत नमी की सीमा तथा अन्य गुणवत्ता मानक प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए “भारत खरीद” ऐप के माध्यम से किसानों का बायोमैट्रिक पंजीकरण किया जाएगा। इससे धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ किसानों के लिए पंजीकरण एवं खरीद व्यवस्था को सरल बनाने में मदद मिलेगी। जनपद में किसानों की सुविधा के लिए 48 धान क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 8 अतिरिक्त क्रय केंद्र प्रस्तावित हैं। खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा कॉमन धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,441 प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान का MSP ₹2,661 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। बैठक में उप संभागीय विपणन अधिकारी प्रमोद सती, वरिष्ठ विपणन अधिकारी, एनसीसीएफ, यूसीएफ, यूकेयूएसएस, पीसीयू, मंडी समिति तथा विधिक माप विज्ञान विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।









