हरिद्वार

सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध एवं संवेदनशीलता के साथ समस्याओं के समाधान के निर्देश

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 88 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 45 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रेषित किया गया। जनसुनवाई में राजस्व एवं भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड सहित विभिन्न जनसमस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जनसुनवाई में शिकायतकर्ता ओपी सिंह ने हरिलोक कॉलोनी फेस-1, ज्वालापुर में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने तथा कॉलोनी की सुरक्षा दीवार तोड़कर बाहरी व्यक्तियों के वाहनों के निर्बाध आवागमन की शिकायत की। उन्होंने इससे कॉलोनीवासियों की सुरक्षा को उत्पन्न हो रहे खतरे का हवाला देते हुए समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। वहीं लालवाला खालसा के समस्त ग्रामवासियों ने ग्राम समाज की भूमि, खसरा संख्या 088 पर कथित अतिक्रमण के संबंध में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। ग्राम सैदपुर, पंचायत कुरड़ी निवासी विद्या पत्नी नरेंद्र ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने और रहने के लिए मकान नहीं होने की समस्या बताते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ दिलाए जाने की मांग की।

प्रियांशु ने बहादराबाद-बेगमपुर इंडस्ट्रियल एरिया की मुख्य 60 फीट सड़क पर पिछले चार-पांच वर्षों से बने जलभराव, गंदगी और क्षतिग्रस्त सड़क की समस्या को जनसुनवाई में उठाया। उन्होंने सड़क की तत्काल मरम्मत एवं जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। ग्राम रंघड़वाला, परगना तहसील रुड़की निवासी रामकुमार पुत्र लाल सिंह ने बताया कि वर्ष 1988-89 में उन्हें खसरा संख्या 301 में पट्टा आवंटित किया गया था, लेकिन आज तक खतौनी में उसका अंकन नहीं हुआ है। उन्होंने पट्टे को खतौनी में दर्ज कराने की मांग की।

शिव गंगा विहार सोसाइटी, ग्राम दादूपुर गोविंदपुर क्षेत्र के निवासियों ने प्लास्टिक कबाड़ के अनियंत्रित भंडारण, प्लास्टिक जलाए जाने तथा इससे उत्पन्न हो रहे पर्यावरण प्रदूषण का मामला उठाया। क्षेत्रवासियों ने संबंधित स्थान का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन शिकायतों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण करें और समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें।

जनसुनवाई के दौरान सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 267 तथा एल-2 स्तर पर 89 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित पाई गई। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन दोनों ही शासन की जनसमस्याओं के समाधान की महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं हैं।

इसलिए प्रत्येक अधिकारी शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनसुनवाई में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चन्द, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जीएम डीआईसी उत्तम कुमार तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला प्रोवेशन अधिकारी अविनाश भदौरिया, परियोजना निदेशक उरेडा वाई.एस. बिष्ट सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।

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