ज्वालापुर की गली, मोहल्लों में तेजी से बढ़ती डेयरियों पर जांच की मांग: चर्चाओं के बीच कार्रवाई का इंतजार
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) ज्वालापुर, हरिद्वार। ज्वालापुर के चौराहों, गली-मोहल्लों में संचालित दूध की डेयरियों को लेकर इन दिनों क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर दूध, घी और पनीर की गुणवत्ता को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी और जांच व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में दूध की डेयरियों और दुकानों की बढ़ती संख्या के बीच स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग नियमित रूप से इन प्रतिष्ठानों की जांच करे, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। दूध, घी और पनीर जैसी रोजमर्रा की खाद्य सामग्री सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। ऐसे में इनकी शुद्धता को लेकर किसी भी तरह की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर मिलावटी दूध, घी और पनीर की बिक्री को लेकर चर्चाएं होने की बात कही जा रही है, लेकिन इन आरोपों की पुष्टि खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के बाद ही हो सकती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग को चाहिए कि वह ज्वालापुर के विभिन्न चौराहों, बाजारों और गली-मोहल्लों में संचालित डेयरियों का निरीक्षण करे तथा आवश्यकता के अनुसार खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराए। यदि जांच में किसी प्रतिष्ठान पर मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि ज्वालापुर में संचालित दूध की डेयरियों की गुणवत्ता की जांच के लिए विभाग कब व्यापक अभियान चलाएगा। लोगों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। समय-समय पर जांच होने से न केवल मिलावट की आशंकाओं पर विराम लगेगा, बल्कि आम जनता का भरोसा भी मजबूत होगा। अब देखना यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग ज्वालापुर की डेयरियों और दुकानों की जांच को लेकर कब सक्रियता दिखाता है और दूध, घी तथा पनीर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है। जनहित में सवाल यही है क्या खाद्य सुरक्षा विभाग ज्वालापुर में जांच अभियान चलाकर लोगों की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।









