हरिद्वार

ऐतिहासिक जन्मशताब्दी महोत्सव के लिए सजी दिल्ली, तैयारियाँ लगभग पूरी

डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने किया आयोजन स्थल का निरीक्षण, देश-विदेश से पहुँच रहे गायत्री परिवार के परिजन

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) देहरादून। देश की राजधानी नई दिल्ली एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष के द्वितीय चरण के विराट समारोह की तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं। 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाला यह महोत्सव साधना, सेवा और सामाजिक नवजागरण का महत्वपूर्ण संगम बनेगा। समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ आयोजन स्थल का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने मंच सज्जा, विद्युत, सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वच्छता, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। देश-विदेश से आने वाले अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत, भोजन, आवास तथा आवागमन की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों में आवास की विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने बताया कि इस ऐतिहासिक समारोह में कई केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों सहित देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रतिनिधियों की सहभागिता प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार आज लगभग 15 करोड़ परिजनों का वैश्विक परिवार है। 80 से अधिक देशों में इसकी उपस्थिति है। पाँच हजार से अधिक प्रज्ञा संस्थान नारी सशक्तीकरण, युवा जागरण, संस्कार संवर्धन और समाज निर्माण के विभिन्न रचनात्मक अभियानों में सक्रिय हैं। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि यह वर्ष अपने आप में अद्वितीय है। वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी, युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की तप-साधना के सौ वर्ष और अखंड दीप के प्रज्वलन की शताब्दी का यह दुर्लभ त्रिवेणी संगम है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव शताब्दी का उत्सव और व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण के साथ वैश्विक उत्थान के संकल्पों को नई गति देने का ऐतिहासिक अवसर है।

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