हरिद्वार

कांवड़ मेला खत्म होते ही कुंभ 2027 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, युद्धस्तर पर जुटा मेला प्रशासन

बारिश के बीच मेलाधिकारी सोनिका ने पैदल किया हरिद्वार के प्रमुख क्षेत्रों का निरीक्षण

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) हरिद्वार। कांवड़ मेला 2026 के सफल समापन के साथ ही हरिद्वार में आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। मेला प्रशासन ने अब कुंभ की तैयारियों को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को बारिश के बीच मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने मेला प्रशासन के अधिकारियों और विभिन्न निर्माणदायी संस्थाओं के अभियंताओं के साथ शहर के प्रमुख घाटों, पार्किंग स्थलों, सड़कों और संपर्क मार्गों का पैदल निरीक्षण किया। मेलाधिकारी ने मौके पर चल रहे निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ की तैयारियों के लिए अब समय बेहद महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विभाग अपने कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाए और आपसी समन्वय के साथ नियमित निगरानी सुनिश्चित करे।

प्रमुख घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों का लिया जायजा
मेलाधिकारी ने हर की पैड़ी, कांगड़ा घाट, सर्वानंद घाट, वीआईपी घाट, भीमगोड़ा, खड़खड़ी, पंतद्वीप, चमगादड़ टापू, लालजीवाला और रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का भी पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की स्थिति, श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण कार्य में लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने अपने कार्यों की प्रगति का ब्यौरा नियमित रूप से मेला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।परियोजनाओं की लगातार निगरानी की जाएगी और कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष फोकस
कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेलाधिकारी ने उपयुक्त स्थानों पर पर्याप्त संख्या में स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय, नियमित सफाई, सैनिटेशन और प्रभावी कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रमुख क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व निर्बाध आपूर्ति के लिए समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा। भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट की अभी से तैयारी निरीक्षण के दौरान संभावित भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मेलाधिकारी ने पैदल मार्गों, प्रवेश-निकासी व्यवस्था, पार्किंग, यातायात संचालन और वैकल्पिक मार्गों को पहले से व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने को कहा गया।

सूखी नदी पुल का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश
मेलाधिकारी ने सूखी नदी पर निर्माणाधीन पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कांवड़ मेला समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाकर पुल को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। पुल निर्माण में बाधा बन रही सीवर लाइन की शिफ्टिंग का कार्य भी तत्काल पूरा करने को कहा गया। साथ ही क्षेत्र में पार्किंग, आवागमन और पुलों की व्यवस्थाओं को कुंभ के संभावित यातायात दबाव के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए।

भूस्खलन प्रभावित काली मंदिर पहाड़ी पर भी नजर
भीमगोड़ा क्षेत्र में काली मंदिर की पहाड़ी से होने वाले भूस्खलन की स्थिति का भी मेलाधिकारी ने जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को प्रभावी सुरक्षात्मक उपाय करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। हर की पैड़ी के कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता में हर की पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे और प्रस्तावित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए घाटों के सुधार एवं मरम्मत, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और सैनिटेशन को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। मेलाधिकारी ने कहा कि हर की पैड़ी देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है,इसलिए यहां होने वाला प्रत्येक कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, सुगमता और क्षेत्र की गरिमा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह, टेक्निकल सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल सहित मेला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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