हरिद्वार

दिन में नो-एंट्री के बावजूद सड़कों पर दौड़ रहे बड़े वाहन, बहादराबाद-सिडकुल मार्ग पर बढ़ा जाम का दबाव

स्थानीय चर्चा में प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल, सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों से भी बढ़ रही परेशानी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) बहादराबाद। बहादराबाद और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र के बीच दिन के समय बड़े वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। चर्चा है कि बड़े वाहनों के लिए दिन में नो-एंट्री की व्यवस्था है, इसके बावजूद मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही देखी जा रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर नो-एंट्री के नियमों का पालन किस स्तर तक कराया जा रहा है। सिडकुल से बहादराबाद की ओर आने-जाने वाले मार्ग के साथ-साथ सलेमपुर और सुमन नगर की सड़कों पर भी बड़े वाहनों की आवाजाही से यातायात का दबाव बढ़ता नजर आता है। खासकर दिन के व्यस्त समय में भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की स्थिति बनने की बात स्थानीय लोग कहते हैं। इतना ही नहीं, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले भारी वाहनों को सड़क किनारे खड़ा किए जाने की समस्या भी सामने आती रहती है। बहादराबाद से सिडकुल मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण भी मुख्य मार्ग की चौड़ाई प्रभावित होती है और इससे यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। स्थानीय लोगों की चर्चा में यह बात भी सामने आ रही है कि बहादराबाद क्षेत्र में सिंचाई विभाग की पार्किंग बंद होने के बाद भारी वाहनों की पार्किंग की समस्या बढ़ी है। वहीं उपलब्ध पार्किंग में शुल्क होने के कारण कुछ वाहन चालक पार्किंग में वाहन खड़ा करने के बजाय सड़क किनारे वाहन खड़ा करना पसंद करते हैं। हालांकि इस स्थिति में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की भी बनती है। स्थानीय नागरिकों में चर्चा है कि यदि दिन में नो-एंट्री का नियम लागू है तो उसका धरातल पर भी प्रभाव दिखाई देना चाहिए।सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग पर भी प्रभावी रोक लगनी चाहिए, ताकि बहादराबाद-सिडकुल, सलेमपुर और सुमन नगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारू रह सके। स्थानीय चर्चा में अब प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि केवल नियम बनाए जाने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी, बल्कि उनका प्रभावी पालन भी जरूरी है। प्रशासन और संबंधित विभाग यदि नियमित निगरानी और कार्रवाई करें तो मुख्य मार्गों पर बढ़ते जाम और भारी वाहनों से होने वाली परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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