हरिद्वार

देवभूमि बधिर एसोसिएशन का रंग लाया प्रयास, मिली खोई मूक बधिर महिला

गगन शर्मा सह सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। हरिद्वार मे संदीप अरोड़ा और सोनिया अरोड़ा के प्रयास से कांवड़ मेले में खोई मूक बधिर महिला सुमन को उनका परिवार मिल गया। वह कल से वन स्टॉप सेंटर में रही थी और 31 जुलाई से अपने मूक बधिर पति से कांवड़ की भीड़ में खो गई थी। कनखल पुलिस उन्हें वन स्टॉप सेंटर ले गई। महिला के ससुर द्वारा कहा गया कि महिला सुमन और बेटे करन का कई दिनों से कोई खबर नहीं मिली तो वे उन्हें ढूंढने हरिद्वार पहुंचे और उनको पता चला कि उनकी पत्रवधु सुमन को वन स्टॉप सेंटर बहादराबाद में रखा गया है। तो वे उन्हें ढूंढने वन स्टॉप सेंटर पहुंचे। देवभूमि बधिर एसोसिएशन की प्रदेश प्रवक्ता एवं साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट सोनिया अरोड़ा और भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के इंडियन साइन लैंग्वेज रिसर्च एवं ट्रेनिंग सेंटर में एक्जीक्यूटिव काउंसिल सदस्य संदीप अरोड़ा ने मूक बधिर महिला से इशारो में बात की और सेंटर में आए कथित व्यक्ति के बारे में पूछा कि यह कौन है। महिला ने इशारों में यह बताया कि यह मेरे पति के पिता जी है। सोनिया अरोड़ा ने महिला से पूछा कि आप इनके साथ जाने को तैयार है। महिला ने अपनी सहमति प्रदान की। संदीप अरोड़ा ने महिला के ससुर से महिला के मूक बधिर पति करन का मोबाइल नंबर लेकर उनसे वीडियो कॉल में संपर्क करने की कोशिश की। उनके पति का मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया। सोनिया अरोड़ा ने बताया कि सभी जांच पड़ताल के बाद कनखल पुलिस और वन स्टॉप सेंटर संचालक मूक बधिर महिला सुमन और उनकी बेटी शिवानी को उनके ससुर राजकुमार को सौंपने के लिए संतुष्ट हो गए। मौके पर थाना कनखल से महिला कांस्टेबल प्रियंका, सुमन चौहान, वन स्टॉप सेंटर से पैरालीगल एडवोकेट टीनू शर्मा, केस की जांच के लिए नियुक्त सदस्य ज्योति व अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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