हरिद्वार

चर्चा: बढ़ेडी गांव बना तेल टैंकरों से अवैध तेल निकालने का बड़ा अड्डा, प्रशासन बना अंजान

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। बढ़ेडी गांव में इन दिनों तेल से भरे टैंकरों से कथित रूप से अवैध तरीके से तेल निकालने का मामला चर्चाओं का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यह खेल कोई नया नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में संचालित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय से चर्चाओं में रहने के बावजूद भी इस मामले से स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग कथित तौर पर अनजान बने हुए हैं। चर्चा है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले तेल टैंकरों से लगातार प्रतिदिन चोरी-छिपे तेल निकालने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है। यदि यह चर्चाएं सही पाई जाती हैं तो यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकता है। तेल जैसे अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ को असुरक्षित तरीके से निकालने के दौरान जरा सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आग लगने या विस्फोट की स्थिति में आसपास रहने वाले ग्रामीणों और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि संबंधित विभागों को क्षेत्र में जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाना चाहिए। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि वर्षों से इस प्रकार की गतिविधियां संचालित होने की चर्चा है तो विभागीय अधिकारियों की नजर अब तक इस ओर क्यों नहीं पड़ी है। या मामला गठजोड़ का तो नहीं है। चर्चाओं में लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, तेल टैंकरों की आवाजाही की जांच करने तथा कथित अवैध तेल निकासी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। चर्चा यह भी है कि रुड़की से हरिद्वार जाते समय जैसे ही बढ़ेडी गांव में दाखिल होते है तो रिंग रोड पुल के नीचे से ही अवैध तेल निकालने वाले स्थान पर स्वयं आपकी नजरें टिक जाएंगी। बड़ा गेट, ऊची ऊंची चारदीवारी और चारदीवारी में तेल की दर्गंध और चोरी से तेल निकालने वाले उपकरण स्वयं गवाह होंगे। एकांत में टैंकरों से अवैध तरीके से तेल निकालने का धंधा या कई वर्षों से संचालित है। लेकिन स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की कार्रवाई यहां जीरो है। चर्चा है कि टैंकरों से अवैध तरीके से तेल निकालने वाले दबंग लोग हैं। और प्रशासन में अपनी अच्छी पकड़ की गुर्राहाट स्थानीय लोगों को दिखाकर इस गोरखधंधे को संचालित कर रखा है। जिससे दबंगो का रोब गलिब रहे। और अवैध तेल का कारोबार लगातार संचालित होता रहे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर चर्चा का संज्ञान लेकर जांच कराता है या फिर विभागीय अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद किसी बड़े हादसे के बाद ही टूटेगी। यह भी अपने आप में बड़ा सवाल है।

Related Articles

Back to top button