दादूपुर सलेमपुर मुख्य मार्ग की पुलिया पर मंडराया खतरा, बना बड़ा गड्ढा, हाजी तौफीक अहमद ने अधिकारियों को दी चेतावनी
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। एक ओर सत्ता पक्ष द्वारा क्षेत्र में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं बरसात के मौसम ने कई स्थानों पर विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की हकीकत को भी उजागर कर दी है। सुमननगर क्षेत्र में मुख्य मार्ग सलेमपुर व दादूपुर गोविंदपुर गांव तथा आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाली पुलिया इन दिनों कटान के कारण खतरे की जद में है। सुमन नगर से बहादराबाद में रास्ते पर पाइप सिल्ट कचरे एवं अन्य मलबे से चोक हो गए हैं। जल निकासी बाधित होने के कारण बरसाती पानी का दबाव बढ़ गया है। इससे शिवगंगा कॉलोनी, सलेमपुर और दादूपुर-गोविंदपुर गांव को सुमननगर मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पुलिया के आसपास लगातार कटान हो रहा है। और पुलिया पर एक बड़ा गड्ढा भी बन चुका है। तेज पानी का बहाव पुलिया को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंच रहा है, जिससे पुलिया क्षतिग्रस्त होने और संपर्क मार्ग बाधित होने के साथ ही बड़ी घटना होने की आशंका भी जताई जा रही है। यदि समय रहते आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो हजारों स्थानीय निवासियों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। वहीं
मामले की जानकारी मिलने पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से रानीपुर विधानसभा क्षेत्र के भावी दावेदार हाजी तौफीक अहमद अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिया की स्थिति का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से जानकारी भी ली। इस दौरान हाजी तौफीक अहमद ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान पुलिया की स्थिति लगातार खराब हो रही है, लेकिन अभी तक सुरक्षा और मरम्मत को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन से चार दिन के अंतराल में पुलिया की सुरक्षा और निर्माण अथवा मरम्मत के लिए कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो वह पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के साथ धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने पुलिया की जर्जर होती स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि शिवगंगा कॉलोनी, सलेमपुर और दादूपुर-गोविंदपुर सहित कई क्षेत्रों के लोगों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। स्कूली बच्चे, कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं, नौकरीपेशा करने वाले लोग और ग्रामीण प्रतिदिन इस पुलिया का उपयोग करते हैं।और पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में गांवों और कॉलोनियों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराते हुए कटान रोकने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और पुलिया की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण के लिए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।









