डीएम मयूर दीक्षित की सख्ती का असर, तेज़ी से चल रहा नालों-नालियों की सफाई अभियान
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। मानसून से पूर्व जनपद को जलभराव और गंदगी से मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा दिए गए निर्देश अब धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई देने लगे हैं। जनपद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालों और नालियों की सफाई का कार्य त्वरित गति से कराया जा रहा है, जिससे स्वच्छता अभियान को नई गति मिली है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पूर्व में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया था कि बारिश से पहले जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। निर्देशों के अनुपालन में संबंधित विभागों और निकायों द्वारा व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। जनपद में चल रहे स्वच्छता अभियान के तहत पहले चरण में कूड़ा उठान एवं दूसरे चरण में ठोस अपशिष्ट निस्तारण पर कार्य किया गया, जबकि अब तीसरे चरण में नालों और नालियों की सफाई पर विशेष फोकस किया जा रहा है। नगर निकायों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी खंड विकास अधिकारियों को नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि समय पर नालों और नालियों की सफाई न होने से जलभराव के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मानसून से पूर्व सफाई अभियान बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए हैं। खानपुर, नारसन, रुड़की, नगर निगम हरिद्वार, बीएचईएल समेत विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नालियों की सफाई कराई गई है। स्थानीय लोगों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि मानसून से पहले इतने व्यापक स्तर पर सफाई अभियान पहले कम ही देखने को मिला है। वर्तमान में नालों और नालियों में जल की मात्रा कम होने के कारण सफाई कार्य तेजी और प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि बारिश शुरू होने से पहले जनपद की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त कर दी जाए।









