हरिद्वार: गंगनहर में चार कांवड़ियों की डूबने से मौत, चारों शब बरामद
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। ज्वालापुर क्षेत्र स्थित जटवाड़ा पुल के समीप गंगनहर में स्नान करते समय एक किशोर को बचाने की कोशिश में चार किशोर कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि राहत एवं बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद चारों के शव गंगनहर से बरामद किए।
पुलिस के अनुसार चंडीगढ़ से करीब 17 कांवड़ यात्रियों का दल हरिद्वार गंगाजल लेने आया था। गंगाजल भरने के बाद सभी जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक किशोर अचानक नहर में बने गहरे गड्ढे में फंसकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी पानी में उतर गए, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण चारों तेज बहाव और गहरे पानी की चपेट में आ गए और देखते ही देखते लापता हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते गंगनहर में सिल्ट की मात्रा बढ़ गई थी। इसके कारण पानी का प्रवाह कम कर दिया गया था, जिससे कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए। कम पानी दिखाई देने के कारण कांवड़िए नहर के बीच तक पहुंच गए, लेकिन गड्ढे की गहराई उनके लिए जानलेवा साबित हुई।
घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा। कई घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद चारों किशोरों के शव बरामद कर जिला अस्पताल भेजे गए। पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
मृतकों की पहचान शिवांशु (16 वर्ष) पुत्र पवन सिंह, नीतेश पुत्र राजेश, भरत पुत्र हरीश (सेक्टर-16, चंडीगढ़) तथा रोहित पुत्र भवानी प्रजापति (सेक्टर-26, चंडीगढ़) के रूप में हुई है। सभी अपने साथियों के साथ हरिद्वार कांवड़ यात्रा पर आए थे।
एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि चारों शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कांवड़ मेले के दौरान प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से निर्धारित घाटों पर ही स्नान करने और बैरिकेडिंग के बाहर या गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील कर रहा है। यह हादसा एक बार फिर जलाशयों और नहरों में सावधानी बरतने की आवश्यकता की याद दिलाता है।









