श्यामपुर क्षेत्र अंतर्गत शाम ढलते ही सड़कों पर उतरते हैं नशे के शौकीन, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
प्रशासनिक सख्ती के दावों के बावजूद नशेड़ियों के हौसले बुलंद, क्षेत्रवासियों में बढ़ रही चिंता: चर्चा
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) हरिद्वार। श्यामपुर क्षेत्र में नशे का कारोबार और नशेड़ियों की गतिविधियां लगातार चर्चा बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि शाम ढलते ही क्षेत्र की सड़कों, सुनसान स्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर नशे के शौकीनों की आवाजाही बढ़ जाती है। खुलेआम नशा करने और नशे की हालत में घूमने वाले लोगों के कारण आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों की चर्चा के अनुसार नशे के खिलाफ समय-समय पर चलाए जाने वाले अभियानों और सख्ती के दावों के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। चर्चा है कि कुछ स्थान ऐसे हैं जहां नियमित रूप से नशेड़ियों का जमावड़ा लगता है, लेकिन उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आती है। और यही कारण है कि नशा करने वालों के हौसले बुलंद होते जा रहे है, उन्हें प्रशासनिक शिकंजे का कोई खास डर नहीं दिखाई देता है। चर्चा है कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से क्षेत्र का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि श्यामपुर क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा नशे के कारोबार और इसके नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की जाए। क्षेत्रवासियों का मानना है कि केवल छिटपुट कार्रवाई से नहीं, बल्कि लगातार और प्रभावी अभियान से ही इस समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है। चर्चा तो यहां तक है कि शाम ढलते ही श्यामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नॉनवेज के होटलों, ढाबों पर शराब परोसने का कारोबार धड़ल्ले से शुरू हो जाता है। नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितना प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर पाता है या नहीं।









