हरिद्वार

रायघटी में ओवरलोडिंग आरबीएम का बड़ा खेला, प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल: चर्चा

क्षमता से कई गुना अधिक खनन सामग्री लेकर मुख्य मार्ग पर दौड़ते मौत के वाहन

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। लक्सर तहसील क्षेत्र के रायघटी में खनन सामग्री के परिवहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि खनन सामग्री से लदे डंपर और ट्रैक्टर-ट्रालियां निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक भार लेकर सड़कों पर दौड़ रही हैं, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रायघटी क्षेत्र से निकलने वाले कई दर्जनों डंपरों में क्षमता से अधिक खनन सामग्री भरी जा रही है। डंपरों की बॉडी से ऊपर तक सामग्री लदी होने के बावजूद यह वाहन मुख्य मार्गों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। वहीं ट्रैक्टर-ट्रालियों में भी ओवरलोडिंग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आप तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि रायघटी में ओवरलोड डंपरों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों का आतंक मच रहा है। क्षेत्रीय ग्रामीणों में चर्चा है कि खनन के चलने वाले पट्टो से आरबीएम और रेत ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। मुख्य मार्ग पर चलने वाले आम वाहन चालकों और राहगीरों को हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है क्षेत्रवासियों का आरोप है कि खनन सामग्री आरबीएम से भरे भारी वाहन खुलेआम गुजर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि रायघटी क्षेत्र में कुछ लोगों की संरक्षण प्राप्त व्यवस्था के चलते ओवरलोडिंग का बड़ा खेल संचालित हो रहा है। इतना ही नहीं, बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियों को लेकर अवैध खनन की आशंकाएं भी व्यक्त की जा रही हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों की मौजूदगी में भी भारी मात्रा में लदे वाहन लगातार गुजर रहे हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, खनन विभाग और परिवहन विभाग से मांग की है कि अपनी कुर्सी छोड़कर रायघटी और भीक्कमपुर के मार्गो पर उतारकर दौड़ते ओवरलोडिंग डंपरों और संभावित अवैध खनन के मामलों की निष्पक्ष जांच करे, और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएं। साथ ही क्षेत्रीय मुख्य मार्गों पर चल रहे ओवरलोड वाहनों पर तत्काल अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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