हरिद्वार

जनजागरूकता ही हैं डाटा हैकिंग से बचाव: प्रो गर्ग

प्रभावी योजनाओ को साकार करने में भी प्रशासनिक डाटा की भूमिका अहम: प्रो बत्रा

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(चिराग कुमार) हरिद्वार। आज एसएमजेएन पीजी कॉलेज में ‘राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस’ के अवसर पर “प्रशासनिक डाटा की क्षमता को अनलॉक करना” विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य तथा वेबीनार के निदेशक प्रो सुनील कुमार बत्रा ने बताया कि “राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस” भारत के महान वैज्ञानिक तथा सांख्यिकीविद प्रो पी.सी महालनोबिस के जन्म दिवस पर मनाया जाता है। प्रो बत्रा ने कहा कि प्रो पी.सी. महालनोबिस भारत में आधुनिक सांख्यिकी के जनक के रूप में जाने जाते हैं और ‘राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस’ सामाजिक-आर्थिक योजना और राष्ट्रीय विकास में उनके योगदान को मान्यता देने के लिए मनाया जाता है। प्रो बत्रा ने प्रशासनिक डाटा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में प्रभावी योजनाओ को साकार करने में भी प्रशासनिक डाटा की अहम भूमिका होगी। इस अवसर पर महाविद्यालय के परीक्षा प्रभारी तथा समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो जे०सी आर्य ने भी सामाजिक आर्थिक विकास में भी आंकड़ों की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किये। इस वेबीनार के मुख्य वक्ता प्रो एन०के गर्ग (रिटायर्ड प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, एसएमजेएन पीजी कॉलेज) ने वेबीनार के विषय की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि डाटा अनलॉकिंग के लाभ के साथ-साथ डाटा हैकिंग जैसी कई गंभीर समस्याएं भी लगातार बढ़ रही हैं जिसका समाधान जनजागरूकता तथा साक्षरता से ही संभव हैं। वेबीनार का समन्वय अर्थशास्त्र विभाग की श्रीमती रुचिता सक्सेना तथा भव्या भगत द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय की प्राध्यापिका भव्या भगत ने कहा कि डाटा अनलॉकिंग के साथ निजता हनन जैसी वैश्विक समस्याएं भी देखी जा रही हैं जिनके लिए हम सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। वेबीनार का संचालन गणित विभाग की प्राध्यापिका डॉ पदमावती तनेजा द्वारा किया गया। वेबीनार में कन्या गुरुकुल महाविद्यालय से डॉ निधि हांडा तथा एसएमजेएन पीजी कॉलेज से डॉ आशा शर्मा, डॉ पुनिता शर्मा, डॉ मीनाक्षी शर्मा, डॉ पल्लवी राणा, श्रीमती रिचा मनोचा, कालिंदी, यादविंदर सिंह, विनीत सक्सेना, डॉ गौरव अग्रवाल, श्रीमती कविता छाबड़ा, डॉ पूर्णिमा सुंद्रियाल, अंकित बंसल आदि शिक्षक शिक्षिकाएं तथा विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।

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