स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों का संकल्प भी है: सुमित तिवारी
नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। 15 अगस्त भारत के इतिहास का वह गौरवशाली दिन है, जब हमारा देश वर्षों की गुलामी से मुक्त होकर स्वतंत्र राष्ट्र बना। 15 अगस्त 1947 को भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की। यह दिन हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष, साहस और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
श्री राम नाम विश्व बैंक समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुमित तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और असंख्य ज्ञात-अज्ञात वीरों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। उनके बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर प्राप्त करते हैं।
श्री तिवारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि आत्मचिंतन और राष्ट्र निर्माण का दिन भी है। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेंगे। जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव से ऊपर उठकर एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में देश की प्रगति में अपना योगदान देंगे।
संस्था के महासचिव विकास गर्ग ने कहा कि आज भारत विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, कृषि, अंतरिक्ष, उद्योग और अनेक क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। लेकिन विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम और जिम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाए। आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम अपने वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करें और यह संकल्प लें कि हम अपने कर्मों से भारत को और अधिक मजबूत, समृद्ध, स्वच्छ, आत्मनिर्भर एवं गौरवशाली बनाएंगे।
इस अवसर पर दक्ष पंवार, मुकेश शर्मा, कुलदीप राय, कुलदीप अरोड़ा, इशिका धीमान, मिलनभाई पांड्या, राजकुमार, केशवदास बाबाजी, शिवम वर्मा, बादल गोस्वामी, अमित शर्मा, उत्तम मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।









