लंबित प्रकरणों की समीक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और अत्याचार की घटनाओं पर अंकुश लगाने पर जोर
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न से जुड़े मामलों में पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पीड़ितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, लंबित मामलों के निस्तारण तथा अत्याचार की घटनाओं की रोकथाम के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान प्राप्त प्रकरणों में सहायता राशि की स्वीकृति और भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। प्रभारी जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासनादेश के अनुसार पीड़ितों को एक सप्ताह के भीतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करते समय पुलिस विभाग द्वारा पीड़ितों के जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आधार से जुड़े बैंक खाते की पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति तथा मोबाइल नंबर प्राप्त कर समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि सहायता राशि स्वीकृत करने और भुगतान करने में अनावश्यक देरी न हो। बैठक में जनपद के उन क्षेत्रों को चिह्नित करने पर भी चर्चा की गई, जहां अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न से संबंधित घटनाएं अधिक सामने आती हैं। ऐसे क्षेत्रों में घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और उनकी संख्या में कमी लाने के लिए पुलिस विभाग तथा समिति के सदस्यों से प्रभावी सुझाव देने और आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। डॉ. ललित नारायण मिश्र ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने और प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्राप्त प्रकरणों का भली-भांति परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। समिति के सदस्यों से अनुरोध किया गया कि यदि उनके संज्ञान में कोई ऐसा मामला आता है, जिसमें अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति के किसी पीड़ित की एफआईआर दर्ज नहीं हुई है या उसे समाज कल्याण विभाग से निर्धारित आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है, तो संबंधित प्रकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इससे ऐसे मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न से संबंधित प्राप्त आवेदनों और पीड़ितों को उपलब्ध कराई गई आर्थिक सहायता के संबंध में समिति के सदस्यों को जानकारी दी। इस दौरान समिति के सदस्य गोपाल कुमार, ऋषिपाल सिंह, अनूप कुमार, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









