जनसुनवाई में 90 शिकायतें पहुंचीं, 48 का मौके पर समाधान, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित 90 शिकायतें दर्ज की गई। इनमें से 48 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया। जनसुनवाई में भूमि विवाद, राशन कार्ड, बिजली, पेयजल, जलनिकासी, अतिक्रमण सहित विभिन्न जनसमस्याओं से जुड़े प्रकरण सामने आए। सलेमपुर मेहदूद निवासी ज्ञानचंद ने अपनी खाली भूमि पर अवैध कब्जा कर कबाड़ रखने की शिकायत करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की। विकासखंड नारसन की ग्राम पंचायत हरजौलीजट के प्रधान ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में इंटरलॉकिंग टाइल्स और सौंदर्यीकरण कार्य का कुछ लोग विरोध कर रहे हैं तथा निर्माण कार्य में लगे लोगों को धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने पुलिस सुरक्षा में कार्य पूरा कराने की मांग की। भगवानपुर के एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पैतृक आम के बाग में अपने हिस्से की तैयार फसल जबरन तोड़े जाने की शिकायत दर्ज कराते हुए सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की। वहीं भोगपुर निवासी अर्जुन कुमार ने बीएसएनएल में जनरेटर ऑपरेटर के रूप में कार्य करने के दौरान आठ माह से लंबित वेतन दिलाने की मांग उठाई। कनखल निवासी उमा सिपाहा ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटाने और सड़क निर्माण कराने का अनुरोध किया। बहादराबाद निवासी तजेंद्र सिंह ने दौलतपुर क्षेत्र में जलभराव, जलनिकासी की समस्या और गंगा कैनाल के बंधे पर संभावित कटाव का मुद्दा उठाते हुए ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग की। बिशनपुर कुंडी (झरड़ा अहतमाल) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों ने अपने घरों तक बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग रखी। वहीं रानीपुर मोड़ निवासी नरेंद्र अरोड़ा ने शुभम विहार और द्वारिका विहार के पास एनएचएआई द्वारा अधूरे छोड़े गए नाले के निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग की, ताकि जलभराव और आवागमन की समस्या दूर हो सके। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ निस्तारण किया जाए। जिन शिकायतों की बार-बार पुनरावृत्ति हो रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए तथा जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए। समीक्षा में बताया गया कि एल-1 स्तर पर 501 और एल-2 स्तर पर 151 शिकायतें लंबित हैं, जिनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।









