किसान महाकुंभ में डांस विवाद पर बोले भाकियू (क्रांति) के राष्ट्रीय प्रवक्ता, कहा—कलाकारों की प्रस्तुति को गलत तरीके से किया पेश
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार के वीआईपी घाट क्षेत्र स्थित आयोजित भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) के किसान महाकुंभ में महिला रागिनी कलाकारों के डांस और उन पर नोट उड़ाए जाने का मामला तौफीक अहमद प्रतिक्रिया दी है। भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तौफीक अहमद ने जारी बयान में कहा कि किसान महाकुंभ में रागिनी कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक एवं लोक कला की प्रस्तुति दी थी, लेकिन कुछ व्यक्तियों और संगठनों ने इसे गलत रूप देकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब कोई कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करता है तो दर्शक उसकी प्रस्तुति से प्रभावित होकर उसे पारितोषिक या सम्मान राशि देकर उसका उत्साहवर्धन करते हैं। इसे गलत नजरिए से देखना कलाकारों का अपमान है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर कलाकारों की प्रस्तुति पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जो उचित नहीं है। कलाकारों की कला और सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने इस दौरान किसानों से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए है। उन्होंने इकबालपुर शुगर मिल पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसानों का बकाया भुगतान जल्द नहीं किया गया तो मील प्रशासन को बड़े किसान आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तौफीक अहमद ने उत्तराखंड सरकार की स्मार्ट मीटर योजना पर भी सवाल उठाते हुए इसका विरोध किया है। उनका कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था आम उपभोक्ताओं और किसानों के हित में नहीं है तथा सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि किसान महाकुंभ में हुए महिला कलाकारों का डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर अन्य संगठन इसे तीर्थ नगरी की गरिमा के विरुद्ध बता रहे हैं, वहीं भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) ने इसे सांस्कृतिक प्रस्तुति और कलाकारों की अभिव्यक्ति का हिस्सा बताते हुए अपना पक्ष रखा है।









