अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम ने यूपी सिंचाई विभाग को लिखा पत्र
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(चिराग कुमार) हरिद्वार। गंगा नदी में बढ़ती गंदगी का मामला अब जल शक्ति मंत्रालय तक पहुंच गया है। स्थानीय पार्षद की शिकायत के बाद नगर निगम हरिद्वार हरकत में आया है और यूपी सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर अपनी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा है, ताकि गंगा तक आसान पहुंच बन सके और गंगा घाट की सफाई की जा सके। नगर निगम का कहना है कि अतिक्रमण के कारण सफाई कार्य बाधित हो रहा है, जिससे गंगा में लगातार कचरा गिर रहा है। जानकारी के अनुसार राजीव नगर और सोनिया बस्ती क्षेत्रों में गंगा किनारे अवैध बस्तियां बस गई हैं। इन बस्तियों से निकलने वाला घरेलू कचरा सीधे गंगा में फेंका जा रहा है, जिससे नदी प्रदूषित हो रही है। कई जगह घरों का वेस्ट वॉटर भी सीधे गंगा में डाला जा रहा है। नगर निगम के उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि कई स्थानों पर अतिक्रमण के चलते गंगा घाट तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं बचा है। ऐसे में सफाई कर्मियों के लिए कचरा उठाना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटाया जाता, तब तक गंगा घाटों की प्रभावी सफाई संभव नहीं है। इस संबंध में नगर निगम ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। गौरतलब है कि गंगा की स्वच्छता को लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती बने हुए हैं।









