संतों ने दी पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी को श्रद्धांजलि
देश और राज्य के विकास में स्व.बीसी खंडूरी योगदान हमेशा याद रखा जाएगा: स्वामी कैलाशानंद गिरी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(चिराग कुमार) हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्र पुरी महाराज, निरंजन पीठीधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा. कैलाशानंद गिरी महाराज, जयराम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी ने खड़खड़ी शमशान घाट पहुंचकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) स्व.बीसी खंडूड़ी के पार्थिव शरीर पर चादर व पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान संतों ने बीसी खंडूरी के निधन को प्रदेश और देश के लिए अपूर्णीय क्षति बताया। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद खंडूरी ने पहले सेना और उसके बाद राजनीति के माध्यम से देश सेवा में अनुकरणीय योगदान दिया। कंेंद्रीय सड़क परिहवन मंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद रहते हुए निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद खंडूरी ने पहले सेना और उसके बाद राजनीति के माध्यम से देश सेवा में अनुकरणीय योगदान दिया। कंेंद्रीय सड़क परिहवन मंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद रहते हुए देश और राज्य के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि राष्ट्र सेवा और जनकल्याण के लिए जीवन समर्पित करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी एक ईमानदार, अनुशासित और दूरदर्शी राजनेता थे। सेना से लेकर राजनीति तक हर क्षेत्र में अपनी कार्यशैली और सादगी से उन्होंने लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। उन्होंने कहा कि मां गंगा उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दे। उनके विचार और कृतित्व हमेशा सभी को प्रेरणा देते रहेंगे। जयराम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी व महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी ने कहा कि सख्त प्रशासक के रूप में पहचान बनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी का उत्तराखंड की राजनीति में विशेष स्थान रहा है। सभी की स्मृतियों में वे सदैव जीवंत रहेंगे। स्वामी यतिन्द्रानंद गिरी, स्वामी हरिचेतनानंद, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत बलवंत सिंह, स्वामी शिवम महंत, आईडी शास्त्री, मधुर शर्मा आदि ने भी स्व.बीसी खंडूरी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।









