श्रवण मास में श्रीमद् भागवत कथा का विशेष महत्व
गौ माता को मिले राष्ट्र माता का दर्जा: आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। ज्योतिष गुरुकुलम में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं कथा व्यास रमेश सेमवाल जी महाराज के श्रीमुख से किया जा रहा है। भक्तों को कथा का श्रवण करते हुए उन्होंने कहा कि
पुरुषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत कथा सुनने मात्र से मनुष्य का कल्याण होता है। पुरुषोत्तम मास भगवान को समर्पित है, इस मास में जो भी श्रीमद् भागवत कथा को सुनता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस महीने में दान का महत्व है, विशेष करके जल, दान और अनुदान का महत्व है। आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने कहा कि गौ सेवा का बड़ा भारी महत्व है कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गौ सेवा की, भगवान श्री राम ने गौ सेवा की। गौ सेवा से परम कल्याण होता है और परमात्मा प्रसन्न होते हैं। प्रत्येक हिंदू परिवार को गौ सेवा जरूर करनी चाहिए तथा गोपालन करना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाए।गौ माता पशु नहीं है, साक्षात माता देव माता है, जिनकी सेवा जिनकी पूजा भगवान श्री कृष्ण ने की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गौ माता का अस्तित्व खतरे में आ गया है, जिससे सरकार को तुरंत गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना ही चाहिए, जिससे गौ माता का पूजन प्रत्येक परिवार में हो।उन्होंने कहा कि गौ सेवा करने से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रत्येक जीव आत्मा को गौ सेवा जरूर करनी चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा आगामी पन्द्रह जून तक चलेगी। कथा में राधा भटनागर, चित्रा गोयल, सुलक्षणा सेमवाल, पूजा वर्मा, सौरभ भूषण शर्मा, अदिति सेमवाल, रेनू शर्मा आदि उपस्थित रहे।









